नई दिल्ली: भारत सरकार ने जुलाई 2025 में एक नया प्रोग्राम लॉन्च किया है, जिसका नाम है SOAR यानी ‘स्किलिंग फॉर AI रेडीनेस’। यह कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की तरफ से चलाया जा रहा है। इसका मकसद है कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली बच्चों और उनके शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बुनियादी बातें सिखाना। आज की तेज डिजिटल दुनिया में, जहां AI हर क्षेत्र जैसे हेल्थ, फाइनेंस और एजुकेशन में घुस रहा है, यह प्रोग्राम बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करेगा। सरल शब्दों में, SOAR बच्चों को AI के फायदे और सेफ यूज सिखाएगा, ताकि वे बड़े होकर अच्छी जॉब्स पा सकें।
प्रोग्राम कैसे काम करता है?
SOAR में छात्रों के लिए तीन अलग-अलग 15 घंटे के मॉड्यूल हैं: पहला AI की बेसिक अवेयरनेस पर, दूसरा मशीन लर्निंग जैसी स्किल्स सीखने पर और तीसरा AI करियर के सपने देखने पर। ये मॉड्यूल मजेदार तरीके से डिजाइन किए गए हैं, जिसमें प्रैक्टिकल एक्टिविटीज और वर्कशॉप्स शामिल हैं। शिक्षकों के लिए अलग से 45 घंटे का कोर्स है, जो उन्हें AI को क्लास में आसानी से पढ़ाने में मदद करेगा। यह सब स्किल इंडिया डिजिटल हब जैसे प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन उपलब्ध है, ताकि गांव-शहर सबको बराबर मौका मिले।
सरकार का सपोर्ट और बजट
केंद्र सरकार AI को एजुकेशन में बढ़ावा देने के लिए सीरियस है। 2025-26 के बजट में एजुकेशन के लिए AI एक्सीलेंस सेंटर्स बनाने को 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। ये सेंटर्स भारतीय भाषाओं में AI टूल्स बनाएंगे और क्लासरूम को स्मार्ट बनाएंगे। NEP 2020 के तहत CBSE ने पहले ही कक्षा 8 से AI सब्जेक्ट शुरू कर दिया है। IIT जैसे संस्थान एडवांस कोर्स चला रहे हैं। जून 2025 तक, NAPS-2 स्कीम के तहत 1,480 युवाओं को AI डेटा इंजीनियर और मशीन लर्निंग जैसी जॉब्स के लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
SOAR के फायदे: क्यों है खास?
यह प्रोग्राम न सिर्फ बच्चों को AI लिटरेट बनाएगा, बल्कि एथिकल यूज, साइबर सिक्योरिटी और क्रिएटिविटी जैसे स्किल्स भी सिखाएगा। इससे शहर-गांव का डिजिटल गैप कम होगा और हाशिए पर रहने वाले बच्चों को भी चांस मिलेगा। SOAR स्किल इंडिया मिशन का हिस्सा है, जो 2015 से लाखों युवाओं को स्किल्ड बना चुका है। फ्रांस सरकार के साथ पार्टनरशिप से इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स मिलेंगे। लॉन्ग टर्म में, यह भारत को AI लीडर बनाएगा और 2047 तक विकसित राष्ट्र के विजन को सपोर्ट करेगा।
भविष्य अब शुरू
SOAR जैसी पहल से भारत के युवा AI की दुनिया में कदम रख सकेंगे। अगर आप पैरेंट या टीचर हैं, तो स्किल इंडिया डिजिटल हब पर चेक करें और अपने बच्चों को शामिल करें। यह न सिर्फ जॉब्स देगा, बल्कि एक इनोवेटिव और सेल्फ-रिलायंट इंडिया बनाएगा। सरकार का मैसेज साफ है: AI सबके लिए, ताकि हर बच्चा फ्यूचर रेडी हो!



