नालंदा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में ही उनके मंत्री और विधायक को जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। जिले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से विरोध के ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। पहला मामला ग्रामीण विकास कार्य मंत्री श्रवण कुमार से संबंधित है। नालंदा विधानसभा क्षेत्र के नूरसराय प्रखंड के प्रह्लाद नगर गांव में गुरुवार की सुबह करीब 9 बजे, जद (यू) एमएलसी रीना देवी के पति राजू यादव के जनसंपर्क अभियान के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री श्रवण कुमार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
श्रवण कुमार के विरोध में ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगे
ग्रामीणों ने श्रवण कुमार का विरोध करते हुए ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और साथ ही, कांग्रेस प्रत्याशी कौशलेंद्र कुमार उर्फ छोटे मुखिया के समर्थन में नारेबाजी की गई। माहौल गरमाते देख, बीच-बचाव के बाद एमएलसी प्रतिनिधि राजू यादव को वहां से निकलना पड़ा। यह मंत्री श्रवण कुमार का 8वां चुनाव है, जो नालंदा विधानसभा क्षेत्र से 7 बार के विधायक और बिहार सरकार में 3 बार मंत्री रह चुके हैं।
नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
दूसरा मामला राजगीर विधानसभा क्षेत्र से जद (यू) विधायक कौशल किशोर का है, जिन्हें पावापुरी के प्यारेपुर गांव में विरोध का सामना करना पड़ा। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जद (यू) प्रत्याशी कौशल किशोर बिहार विधानसभा आम चुनाव 2025 के लिए जनसंपर्क अभियान चला रहे थे। जब उन्होंने ग्रामीणों से वोट की अपील की, तो जनता ने उनका विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने ‘कौशल किशोर मुर्दाबाद’ और ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद!’ के नारे लगाए।
वीडियो बनाने से रोकने पर उग्र हुए ग्रामीण
विरोध तब और भड़क उठा जब विधायक ने वोट मांगने के दौरान सवाल-जवाब कर रहे और घटना का वीडियो बना रहे एक व्यक्ति को रोकने की कोशिश की, जिससे ग्रामीण और उग्र हो गए। बताते चलें कि कौशल किशोर का यह दूसरा कार्यकाल है। उनके पिता सत्यदेव नारायण आर्या भी राजगीर से 7 बार विधायक, एक बार मंत्री और दो राज्यों के राज्यपाल रह चुके हैं। जद (यू) के किसी भी व्यक्ति ने इस विरोध पर टिप्पणी करने से परहेज किया है। नालंदा के सातों विधानसभा क्षेत्रों में 6 नवंबर को मतदान होना है और 14 नवंबर को चुनाव परिणाम घोषित होंगे।
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गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान से पहले भी हिलसा के विधायक कृष्ण मुरारी उर्फ प्रेम मुखिया और मंत्री श्रवण कुमार को मलावां गांव में विरोध झेलना पड़ा था, जहां उन्हें और उनके सुरक्षा कर्मी को एक किलोमीटर तक भागकर जान बचानी पड़ी थी। इस बार के चुनाव में नीतीश के करीबी नेताओं का विरोध लगातार जारी है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से ही इस बार ‘बदलाव की ब्यार’ शुरू होगी? इसका फैसला 14 नवंबर को होगा।



