ड्रोन अब सिर्फ शौक नहीं, सरकारी काम का बड़ा हथियार बनेगा

सरकार के अधिकारियों को ड्रोन तकनीक सिखाने के लिए NeGD ने IIT रोपड़ के साथ 17-19 नवंबर 2025 को तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया। इसमें 25 से ज्यादा मंत्रालयों-राज्यों के अधिकारी शामिल हुए और उन्होंने खुद ड्रोन उड़ाकर, सर्वे करके इसका इस्तेमाल सीखा।

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नई दिल्ली: आजकल ड्रोन का नाम सुनते ही फोटो-वीडियो या डिलीवरी का ख्याल आता है, लेकिन अब ये सरकारी कामकाज को पूरी तरह बदलने वाले हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) ने 17 से 19 नवंबर 2025 तक“ड्रोन तकनीक और उसके उपयोग”नाम से तीन दिन का राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया। इसका साथ दिया पंजाब के IIT रोपड़ ने।

तीन दिन, पूरी तरह हाथों-हाथ ट्रेनिंग

यह कोई लेक्चर वाली क्लास नहीं थी। तीनों दिन अधिकारी खुद मैदान में उतरे। इस दौरान ड्रोन उड़ाना सीखाया, खेतों में स्प्रे करना, फसल की निगरानी करना देखा, पहाड़ों-जंगलों का सर्वे करना सिखाया गया, आपदा के समय सर्च-रेस्क्यू में ड्रोन का इस्तेमाल समझाया गया और खदान की नाप-जोख और सुरक्षा जांच भी कराई गई। लाइव डेमो के दौरान अधिकारियों ने खुद ड्रोन उड़ाए, कैमरा लगाकर फोटो खींचे और डेटा इकट्ठा किया।

कानून से लेकर एंटी-ड्रोन तक सब कुछ सिखाया

प्रशिक्षण में सिर्फ उड़ाना ही नहीं सिखाया गया। ड्रोन उड़ाने के सारे नियम, डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी, गलत इस्तेमाल रोकने के लिए एंटी-ड्रोन तकनीक और ड्रोन फॉरेंसिक (अपराध जांच में इस्तेमाल) पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

स्टार्टअप से मिले नए आइडिया

IIT रोपड़ के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर में अधिकारियों को कई ड्रोन स्टार्टअप कंपनियों से मिलवाया गया। वहां बने नए-नए ड्रोन, स्वदेशी सॉफ्टवेयर और सस्ते सेंसर देखकर सभी हैरान रह गए। कई अधिकारियों ने कहा कि अब अपने राज्य में भी ऐसे स्टार्टअप को बढ़ावा देंगे।

25 से ज्यादा मंत्रालय-राज्य जुड़े

इस प्रशिक्षण में कृषि, खनन, आपदा प्रबंधन, पुलिस, वन विभाग, सर्वे ऑफ इंडिया समेत 25 से ज्यादा मंत्रालयों और राज्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सबने माना कि ड्रोन से काम तेज, सस्ता और सटीक हो जाएगा।

डिजिटल इंड, डिजिटल इंडिया का नया कदम

NeGD के इस कार्यक्रम से साफ है कि अब ड्रोन सिर्फ निजी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। गांव की जमीन नापना हो, बाढ़ में राहत पहुंचना हो, जंगल में आग लगी हो या खेत में कीटनाशक छिड़कना हो हर काम में ड्रोन सरकारी अफसर का साथी बनेगा। एक अधिकारी ने कहा कि पहले हम फाइलों में योजना बनाते थे, अब ड्रोन से जमीनी हकीकत 10 मिनट में पता चल जाएगी। NeGD ने घोषणा की है कि ऐसे प्रशिक्षण आगे भी होते रहेंगे ताकि हर विभाग ड्रोन का सही इस्तेमाल कर सके।

Sakshi Pal

sakshipal8700@gmail.com

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