लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भारी बवाल देखने को मिला। इस बवाल को कंट्रोल करने में यूपी पुलिस को तीन घंटे लग गए। इस मामले में अब यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ की तरफ से बयान आया है। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में उपद्रवियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि किसी और समय का इंतजार मत कीजिए, यही सही समय है। सीएम ने पुलिस को निर्देश दिया कि एक भी उपद्रवी बचने न पाए।
सबक सिखाने की चेतावनी
शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने बिना नाम लिए कहा,’ कल बरेली के अंदर एक मौलाना भूल गया था कि यूपी में किसकी सरकार है। उसे लगता था कि धमकी देकर, जबरदस्ती जाम कर देंगे। हमने कह दिया जाम नहीं होगा। कर्फ्यू नहीं लगेगा। उसे ऐसा सबक सिखा देंगे कि उसकी आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाएगी। ये लोग सिस्टम को ब्लॉक करना चाहते थे। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के अंदर यही प्रवृति थी। सत्ता में आने के बाद हमने कर्फ्यू नहीं लगने दिया। जो जैसी भाषा समझते हैं, उन्हें उसी भाषा में समझाकर सजा दिलाने का काम किया।
कुत्ते से हाथ मिलाते थे सत्ताधारी
पिछली सरकार पर तंज कसते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास बुलाया जाता था। उनका आवभगत करके सम्मानित करते थे। पेशेवर अपराधी और माफियाओं को सत्ता सेल्यूट मारती थी। सत्ता में बैठे लोग कुत्ते से हाथ मिलाते थे। आप सबने कई ऐसे दृश्य देखे होंगे, जिसमें सत्ता का मुखिया एक माफिया के कुत्ते से हाथ मिलाकर गर्व महसूस कर रहा था।
यह वही उत्तर प्रदेश है, जो पहले बीमारू था…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 27, 2025
दंगाइयों की आवभगत होती थी और पेशेवर अपराधी व माफियाओं के सामने सत्ता सैल्यूट करती थी… pic.twitter.com/s4lpINH29y
बरेली में क्यों हुई हिंसा
आपको बता दें कि इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा ने 21 सितंबर को वीडियो जारी किया था। इसमें 26 सितंबर को मुस्लिम समाज के युवाओं से ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद को लेकर प्रदर्शन करने के लिए कहा गया। पुलिस ने इस प्रदर्शन पर रोक लगा दी तो लोग भड़क गए। भीड़ ने तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया, पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई। इस मामले में पुलिस अब तक 1700 अज्ञात और कुछ नामजद लोगों के खिलाफ 10 FIR कर चुकी है। 39 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, इसमें मौलाना तौकीर रजा भी शामिल है।



