नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन यानी UGC के नए पाठ्यक्रम के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वाइस-चांसलर को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इसे विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता, शिक्षा की गुणवत्ता और कैंपस के लोकतांत्रिक माहौल के लिए बहुत बड़ा खतरा बताया है।
विवाद का कारण ?
UGC द्वारा जारी लर्निंग आउटकम बेस्ड करिकुलम फ्रेमवर्क (LOCF) 2025 को लेकर SFI ने कई गंभीर आपत्तियां जताई हैं। संगठन का कहना है कि यह नया ढांचा शिक्षा की गुणवत्ता को कम करेगा, विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता घटाएगा और साथ ही लोकतांत्रिक स्वरूप को कमजोर करेगा।
SFI ने लगाए गंभीर आरोप
SFI ने आरोप लगाया है कि LOCF के जरिए शिक्षा को सांप्रदायिक, व्यावसायिक और कॉर्पोरेट बनाने की कोशिश की जा रही है। छात्रों का कहना है कि ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम’ को सभी विषयों में थोपकर ऊंची जाति की हिंदू परंपराओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि विभिन्न संस्कृतियों और हाशिये पर मौजूद आवाज़ों की अनदेखी की जा रही है।
पत्र में SFI की मांग
ज्ञापन पत्र में SFI ने LOCF को वापस लेने और शिक्षा को अधिक लोकतांत्रिक व समावेशी बनाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि शैक्षणिक स्वतंत्रता, आलोचनात्मक सोच और समानता को बाज़ार-प्रेरित वैचारिक एजेंडे से ऊपर रखा जाना चाहिए।
आलोचना की वजह
SFI ने बतया कि नया पाठ्यक्रम बिना शिक्षकों, छात्रों और विशेषज्ञों की राय लिए तैयार किया गया है। SFI हंसराज कॉलेज के सचिव असीकुल ने यह आरोप लगाया कि LOCF वैज्ञानिकता और बच्चों के तार्किक चिंतन को कमजोर करता है, इतिहास को केवल हिंदुत्व के अनुरूप बदलता है और भगत सिंह व सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों की अनदेखी कर सावरकर जैसे विचारकों को ही प्राथमिकता देता हैं।
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केरल सरकार ने भी LOCF को दिखाई लाल झंडी
केरल सरकार ने भी LOCF को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. आर. बिंदु ने घोषणा की कि राज्य सरकार UGC के इस नए ढांचे को स्वीकार नहीं करेगी। यह फैसला विशेषज्ञ समिति की समीक्षा के बाद लिया गया।
निष्कर्ष
UGC का LOCF 2025 जहां उच्च शिक्षा में सुधार के उद्देश्य से लाया गया है, वहीं दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन और केरल सरकार इसे शिक्षा की स्वतंत्रता और समानता पर खतरा मान रहे हैं। इस मुद्दे पर अब राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज होने की संभावना भी जताई जा रही हैं।



