चेन्नई: चेन्नई एगमोर रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों ने एक बार फिर अपनी तत्परता और ईमानदारी का परिचय दिया है। एक यात्री की 5,000 रुपये की घड़ी, जो ट्रेन में भूलवश छूट गई थी, आधी रात में रेल एप के माध्यम से मदद मांगे जाने पर मात्र एक घंटे में खोजकर लौटा दी गई। घटना 18 अक्टूबर की रात की है। डॉ. गुरु ब्रूनो, जो पेशे से न्यूरोसर्जन हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20628 नागरको इल–चेन्नई एग्मोर) से मदुरै से चेन्नई की यात्रा कर रहे थे। रात 11 बजे जब वे चेन्नई एग्मोर स्टेशन पहुँचे और घर पहुँचे, तब उन्हें एहसास हुआ कि उनकी कलाई घड़ी ट्रेन के शौचालय में रह गई है।
डॉ. गुरु ब्रूनो, रात्रि 12:28 बजे रेल ऐप वन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। कुछ ही मिनटों में रेलवे हेल्पलाइन से कॉल और एसएमएस के जरिए शिकायत की पुष्टि कर दी गई। 12:49 बजे, आरपीएफ ने सूचित किया कि ट्रेन यार्ड में पहुँच चुकी है और तलाशी शुरू हो गई है। 1:12 बजे, डॉ. ब्रूनो को व्हाट्सऐप पर एक तस्वीर भेजी गई, जिसमें वही घड़ी दिखाई दे रही थी। एक मिनट बाद आरपीएफ ने पुष्टि की कि वह घड़ी उन्हीं की है।
सत्यापन के बाद घड़ी वापस की
रेलवे के अधिकारी बताया कि अगली सुबह डॉ. ब्रूनो स्टेशन पहुँचे, टिकट, आधार और आवेदन पत्र जमा किया, और औपचारिक सत्यापन के बाद अपनी घड़ी वापस प्राप्त की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स (X)’ पर उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा “यह वाकई शानदार काम है। असल में गलती मेरी थी, लेकिन फिर भी आधी रात के बाद 40 मिनट के भीतर रेलवे और आरपीएफ के कई कर्मचारियों ने मिलकर पूरी ईमानदारी से मेरी घड़ी ढूंढ निकाली। यह उनकी निष्ठा और जिम्मेदारी का प्रमाण है।”
उन्होंने कहा, “दक्षिण रेलवे और आरपीएफ के सभी समर्पित कर्मियों को धन्यवाद। आप सबका यह प्रयास भारतीय रेलवे पर जनता के भरोसे को और मजबूत करता है। यह घटना दक्षिण रेलवे की यात्री सेवा, सुरक्षा और पारदर्शिता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का एक और उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।
तकनीक-संवेदनशील सेवा का यात्रियों के अनुभव को बना रहा बेहतर
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ दिखाती हैं कि आधुनिक तकनीक और संवेदनशील सेवा का मेल यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बना रहा है।



