गया: बिहार के इस पासिंग आउट परेड में गया शहर के उज्जवल कुमार लेफ्टिनेंट बने हैं। इस बार देश को शनिवार को 207 नए सैन्य अधिकारी मिले, जिनमें 23 महिला कैडेट्स भी शामिल हैं। गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में 27वें पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ, जिसमें इन सभी कैडेटर ने अंतिम पग भरते ही भारतीय सेना में अपनी जिम्मेदारी संभाली और देश सेवा की शपथ ली।
परेड के मुख्य अतिथि भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्यसेन गुप्ता थे। उन्होंने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया। इस दौरान ड्रिल, फिजिकल ट्रेनिंग, वेपन हैंडलिंग, सर्विस सब्जेक्ट्स और अकादमिक प्रदर्शन में श्रेष्ठ रहने वाले कैडेटर को पुरस्कार दिए गए।
तीसरे प्रयास में उज्जवल बने लेफ्टिनेंट
इस पासिंग आउट परेड में गया शहर के उज्जवल कुमार भी लेफ्टिनेंट बने। उज्जवल ने बताया कि उन्होंने दो बार नेवी में प्रयास किया था, लेकिन मेडिकल कारणों से चयन नहीं हो पाया था। यह उनका तीसरा प्रयास था, जिसमें उनका सपना पूरा हुआ। उनके पिता, जो ईंट-भट्ठा व्यवसायी हैं, ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके बेटे का लेफ्टिनेंट बनना उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।
पुरस्कार और सम्मान
खेतरपाल बटालियन को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए ‘कमांडेंट बैनर’ से नवाजा गया।
महाराष्ट्र के लेफ्टिनेंट कुलथे ध्रुव को ‘शौर्य ऑफ ऑनर’ मिला। उन्होंने ओवरऑल बेस्ट परफॉर्मेंस का खिताब जीता। ध्रुव के पिता भी भारतीय सेना में थे और उन्होंने कारगिल युद्ध (ऑपरेशन विजय) में देश की सेवा की थी, जिससे यह सम्मान और भी खास हो गया।
भावनाओं से भरा था पीपिंग सेरेमनी
परेड के बाद ‘पीपिंग सेरेमनी’ का आयोजन हुआ, जो भावनाओं से भरा था। इस दौरान कैडेट्स के माता-पिता ने उनके कंधों पर बैज लगाकर उन्हें भारतीय सेना को समर्पित किया। यह पल सभी के लिए बेहद भावुक करने वाला था, जहां कई आंखों में खुशी के आँसू थे तो कई माता-पिता गर्व से अपने बेटे-बेटी को गले लगाते नजर आए।
भारतीय सेना हर चुनौती के लिए तैयार
मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्यसेन गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि ये सभी युवा अधिकारी पहले ही तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और पिछले 11 महीनों में इन्हें बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप लगातार बदल रहा है और भारतीय सेना ड्रोन, इंटेलिजेंस और हाइब्रिड वारफेयर जैसी सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।



