IIT Madras की खोज: जीन स्विच से खुले बीमारियों के रहस्य

इस शोध ने यह दिखाया है कि दो या अधिक जीन एक साथ मिलकर एक स्विच की तरह काम करते हैं, जो शरीर की छिपी हुई कोशिकीय प्रक्रियाओं को सक्रिय कर सकते हैं।

Share This Article:

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास (IIT Madras) और डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में जीनों की परस्पर क्रिया के एक अनोखे तंत्र को उजागर किया है, जिसे जीन स्विच मेकैनिज्म कहा जा रहा है। इस शोध ने यह दिखाया है कि दो या अधिक जीन एक साथ मिलकर एक स्विच की तरह काम करते हैं, जो शरीर की छिपी हुई कोशिकीय प्रक्रियाओं को सक्रिय कर सकते हैं। यह खोज कैंसर, मधुमेह (डायबिटीज), और न्यूरोडीजेनेरेटिव विकारों जैसी जटिल बीमारियों को समझने और उनके इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। यह अध्ययन न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में, बल्कि कृषि और जैव प्रौद्योगिकी में भी नए रास्ते खोल सकता है।

शोध का आधार और निष्कर्ष

यह अध्ययन आईआईटी मद्रास के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रोफेसर हिमांशु सिन्हा और पीएचडी छात्र श्रीजित ससीकुमार के नेतृत्व में, डेनमार्क की टेक्निकल यूनिवर्सिटी के डॉ. शन्नारा टेलर पार्किन्स और डॉ. सुरेश सुदर्शन के सहयोग से किया गया। शोध के नतीजे प्रतिष्ठित जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में 27 अगस्त 2025 को प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं ने यीस्ट (खमीर) को मॉडल के रूप में उपयोग करके यह समझा कि कैसे दो विशिष्ट जीन वेरिएंट्स, MKT1(89G) और TAO3(4477C), एक साथ मौजूद होने पर एक निष्क्रिय आर्जिनिन जैवसंश्लेषण मार्ग को सक्रिय करते हैं। यह प्रभाव तब नहीं देखा गया जब ये जीन अकेले मौजूद थे, जिससे पता चलता है कि जीनों की परस्पर क्रिया नए और अप्रत्याशित जैविक परिणाम उत्पन्न कर सकती है। इस प्रक्रिया को समझने के लिए शोधकर्ताओं ने टाइम-बेस्ड मल्टी-ओमिक्स तकनीक का उपयोग किया, जिसमें ट्रांसक्रिप्टोमिक्स (जीन अभिव्यक्ति), प्रोटीओमिक्स (प्रोटीन विश्लेषण), और मेटाबोलोमिक्स (चयापचय विश्लेषण) शामिल थे। इस तकनीक ने यह स्पष्ट किया कि जीन स्विच कैसे कोशिकीय गतिविधियों को पुन: प्रोग्राम करते हैं।

जीन स्विच का महत्व

प्रोफेसर हिमांशु सिन्हा ने इस खोज को समझाते हुए कहा, “यह शोध केवल यीस्ट तक सीमित नहीं है। जटिल बीमारियां जैसे कैंसर, मधुमेह, और न्यूरोलॉजिकल विकार एक जीन की बजाय कई जीनों की परस्पर क्रिया से उत्पन्न होती हैं। हमारा अध्ययन एक ऐसा ढांचा प्रदान करता है, जिससे इन जटिल अंत:क्रियाओं को व्यवस्थित रूप से समझा जा सकता है।” श्रीजित ससीकुमार ने इसे और सरल शब्दों में समझाया: “यह ऐसा है जैसे दो स्विच एक साथ दबाने से कोई छिपा हुआ सर्किट अचानक चालू हो जाता है, और पूरी प्रणाली का व्यवहार बदल जाता है। इन परिवर्तनों को समय के साथ देखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुछ प्रभाव केवल विशिष्ट समय पर ही सामने आते हैं। यह खासकर विकासात्मक बीमारियों जैसे कैंसर या न्यूरोडीजेनेरेशन को समझने के लिए उपयोगी है।”

चिकित्सा और जैव प्रौद्योगिकी में संभावनाएं

इस शोध के नतीजों का प्रभाव कई क्षेत्रों में देखा जा सकता है:

वैयक्तिकृत चिकित्सा (पर्सनलाइज्ड मेडिसिन): यह खोज जीनों की परस्पर क्रिया के आधार पर नए बायोमार्कर और दवा लक्ष्यों की पहचान में मदद कर सकती है। इससे बीमारियों का निदान और उपचार व्यक्ति के जीन प्रोफाइल के आधार पर अधिक सटीक और प्रभावी हो सकता है।

सिंथेटिक बायोलॉजी और जैव प्रौद्योगिकी: जीन स्विच तंत्र का उपयोग करके विशिष्ट जैविक मार्गों को सक्रिय या निष्क्रिय किया जा सकता है, जिससे दवाओं, बायोफ्यूल, और अन्य औद्योगिक उत्पादों का उत्पादन बेहतर हो सकता है।

कृषि में क्रांति: इस शोध से ऐसी फसलें विकसित की जा सकती हैं जो सूखा, गर्मी, या कीटों के प्रति अधिक सहनशील हों। साथ ही, माइक्रोबियल इंजीनियरिंग के जरिए औद्योगिक उपयोग के लिए सूक्ष्मजीवों को अनुकूलित किया जा सकता है।

भविष्य की दिशा

यह शोध जीन-जीन अंत:क्रियाओं को समझने के लिए एक नया वैज्ञानिक ढांचा प्रदान करता है। यह न केवल मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह जैव प्रौद्योगिकी और कृषि में भी नए अवसर खोलता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खोज से भविष्य में ऐसी चिकित्सा पद्धतियां विकसित की जा सकती हैं, जो हर व्यक्ति की अनूठी जीन संरचना को ध्यान में रखकर डिजाइन की जाएंगी। आईआईटी मद्रास और डेनिश वैज्ञानिकों की इस खोज ने जीनों के रहस्यमयी तंत्र को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह अध्ययन न केवल वैज्ञानिक समुदाय के लिए, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक प्रेरणा है, जो यह दिखाता है कि कैसे विज्ञान और तकनीक मिलकर मानव जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

https://newgindia.com/author/usha/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.