नई दिल्ली: दिल्ली के प्रसिद्ध छतरपुर मंदिर परिसर से शुक्रवार को धार्मिक माहौल में ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का आगाज हुआ। वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन और पूजा-अर्चना के बीच शुरू हुई यह यात्रा धर्म, संस्कृति और एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का उद्देश्य लेकर निकली है। इस अवसर पर छतरपुर मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी “सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा 2025 श्री बागेश्वर बालाजी का श्री बांके बिहारी से मिलन” कार्यक्रम में शामिल हुईं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को गहन आध्यात्मिक, भावनात्मक और अलौकिक अनुभव बताते हुए कहा कि यह पदयात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की उस अविरल परंपरा का उत्सव है, जिसने सदियों से समाज को धर्म, कर्तव्य, करुणा और मानवीय मूल्यों के सूत्र में जोड़े रखा है।
यात्रा छतरपुर से आरंभ होकर वृंदावन श्री बांके बिहारी मंदिर पहुंचेगी
यह ऐतिहासिक पदयात्रा पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम) के मार्गदर्शन में छतरपुर के कात्यायनी शक्ति पीठ से आरंभ होकर वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचेगी। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा “जय श्री राम” और “हरी बोल” के जयघोष ने वातावरण को भक्ति, ऊर्जा और एकता से पूर्ण कर दिया। हजारों भक्तों की सहभागिता ने इस यात्रा को राष्ट्रव्यापी भक्ति आंदोलन और सनातन एकात्मता के महापर्व का रूप प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पदयात्रा पूरे देश को एकता, श्रद्धा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त संदेश दे रही है। आज के समय में इस प्रकार का संदेश अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इसे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत और प्रेरणादायक प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने श्री बागेश्वर बालाजी से प्रार्थना की कि उनकी कृपा-दृष्टि सदैव दिल्ली समेत पूरे राष्ट्र पर बनी रहे, ताकि देश शांति, सद्भाव, समृद्धि और सशक्त आध्यात्मिक चेतना के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।



