जहानाबाद में परिवारवाद की जंग, पूर्व सांसदों के वारिस मैदान में, किसे मिलेगा जनता का प्यार ?

जहानाबाद की राजनीति में परिवारवाद की पकड़ और मजबूत होती जा रही है। पूर्व सांसद जगदीश शर्मा अपने बेटे राहुल कुमार के लिए राजद से टिकट की कोशिश में हैं। डॉ. अरुण कुमार भी बेटे ऋतुराज के भविष्य को लेकर जेडीयू का सहारा लेना चाहते हैं। वहीं, दिवंगत रामाश्रय प्रसाद की बहू अनुराधा सिन्हा जनसुराज से चुनावी तैयारी में जुटी हैं।

Share This Article:

जहानाबाद: बिहार की राजनीति में परिवारवाद की पकड़ लगातार गहरी होती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र है, जहां तीन विधानसभा सीटों पर अब परिवार आधारित राजनीति खुलकर दिख रही है। जिले के दो पूर्व सांसद अपने बेटों के लिए राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं, तो वहीं एक दिवंगत सांसद की बहू भी मैदान में ताल ठाेंकने की तैयारी में है। ऐसे में इस बार विधानसभा चुनाव में यहां का राजनीतिक समीकरण दिलचस्प हो सकता है। राकेश कुमार की रिपोर्ट

जगदीश शर्मा और राहुल कुमार की चुनौती

घोसी विधानसभा से 38 साल तक विधायक रहे और पूर्व सांसद जगदीश शर्मा अपने बेटे राहुल कुमार को राजनीति में स्थापित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। राहुल 2010 में जेडीयू के टिकट पर विधायक बने थे, लेकिन 2015 और 2020 दोनों विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पिछली बार भाकपा माले के रामबली सिंह यादव ने उन्हें 17,333 वोटों से हराया था। लगातार हार के बाद जगदीश शर्मा चाहते हैं कि इस बार बेटे को राजद से टिकट मिले। माना जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव से उनके पुराने संबंध इस राह को आसान बना सकते हैं। पशुपालन घोटाले में दोनों के एक साथ आरोपी रहने से भी उनकी नज़दीकियां जगजाहिर हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राजद राहुल को टिकट दे सकता है, जबकि घोसी सीट वर्तमान में महागठबंधन के सहयोगी दल भाकपा माले के पास है। अगर राहुल को राजद से टिकट मिलता है, तो पहली बार भूमिहार और यादव समुदाय एक ही उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट हो सकते हैं। इसे जीत की गारंटी माना जा रहा है।

अरुण कुमार और बेटे ऋतुराज की राह

दो बार के सांसद रह चुके डॉ. अरुण कुमार भी अपने बेटे ऋतुराज को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। ऋतुराज को एक बार विधान परिषद चुनाव में उतारा गया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब अरुण कुमार चाहते हैं कि उनका बेटा जहानाबाद विधानसभा से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़े। हालांकि, इसमें कई अड़चनें हैं। अरुण कुमार ने 2024 लोकसभा चुनाव में बसपा से प्रत्याशी बनकर जेडीयू उम्मीदवार चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को हराने में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि क्या जेडीयू इतनी आसानी से उन्हें स्वीकार करेगा। बावजूद इसके, अरुण कुमार अपने बेटे के भविष्य को लेकर गंभीर हैं और कभी भी जेडीयू में शामिल हो सकते हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अरुण कुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी का भरोसा जीतना है।

रामाश्रय प्रसाद की विरासत आगे बढ़ाएंगी अनुराधा सिन्हा

जहानाबाद के चार बार सांसद रह चुके स्वर्गीय रामाश्रय प्रसाद अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश उनकी बहू अनुराधा सिन्हा कर रही हैं। वर्तमान में वे प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी से जुड़ी हुई हैं और घोसी विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। अनुराधा सिन्हा पहले जिला परिषद सदस्य भी रह चुकी हैं। उन्हें उम्मीद है कि रामाश्रय प्रसाद की लोकप्रियता और परिवार का राजनीतिक प्रभाव उनके पक्ष में माहौल बनाएगा। हालांकि, राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि नई पार्टी से लड़ना आसान नहीं होगा, लेकिन परिवार की पहचान और स्थानीय स्तर पर पकड़ उन्हें फायदा दिला सकती है।

चुनावी समर में दिलचस्प मुकाबला

जहानाबाद जिले के राजनीतिक परिदृश्य में तीनों परिवार अपने-अपने उम्मीदवार को स्थापित करने में जुटे हैं। जगदीश शर्मा अपने बेटे राहुल कुमार को राजद से टिकट दिलाने की जद्दोजहद में हैं। डॉ. अरुण कुमार जेडीयू में शामिल होकर बेटे ऋतुराज के लिए जमीन तलाश रहे हैं। वहीं, दिवंगत रामाश्रय प्रसाद की बहू अनुराधा सिन्हा जनसुराज के मंच से जनता के बीच उतरने को तैयार हैं। इन प्रयासों से साफ है कि जहानाबाद की राजनीति में परिवारवाद की जड़ें गहरी हैं। अब देखना होगा कि आने वाले चुनाव में किसकी मेहनत रंग लाती है और कौन सिर्फ कोशिशों तक सीमित रह जाता है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

https://x.com/DjSanjayrai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.