लखनऊ: उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के विस्तार से लेकर नई तकनीकों में प्रशिक्षण और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तक, सरकार ने बीते वर्षों में कई अहम कदम उठाए हैं। रविवार को लखनऊ स्थित लोकभवन ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1510 नवचयनित अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। यह कार्यक्रम प्रदेशभर में आयोजित हुआ, जिसमें सांसद और विधायकगण भी शामिल हुए और सफल अभ्यर्थियों के सपनों को साकार करने के साक्षी बने। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब रोजगार केवल योग्यता और मेहनत के दम पर मिल रहा है। सिफारिश या अनुशंसा की परंपरा को समाप्त कर दिया गया है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने लाखों युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और उनकी मेहनत को सही दिशा दी है।
286 आईटीआई में 1.84 लाख सीटें
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए प्रदेश के 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 92 व्यवसाय संचालित हैं, जिनमें 1,84,280 सीटें उपलब्ध हैं। सरकार ने प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। इन संस्थानों में 7768 अनुदेशक के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से हाल ही में 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। शेष 341 पदों का परिणाम भी जल्द घोषित होगा।
आईटीआई का लगातार विस्तार
पिछले आठ वर्षों में प्रदेश सरकार ने 60 से अधिक नए आईटीआई स्थापित किए हैं। अब 324 राजकीय आईटीआई के माध्यम से 82 ट्रेड में लगभग 1.84 लाख युवाओं को प्रशिक्षण मिल रहा है। खास बात यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए मासिक शुल्क मात्र 40 रुपये रखा गया है। इसके अलावा, प्रदेश के करीब 3000 निजी आईटीआई में 6 लाख से अधिक सीटें उपलब्ध हैं, जिन पर पढ़ने वाले छात्रों को फीस प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति की सुविधा मिल रही हैं। सरकार ने आईटीआई को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सीएनसी और लेजर कटिंग जैसी तकनीकों में युवाओं को प्रशिक्षण दिलाने के लिए 5000 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत 150 आईटीआई का उन्नयन किया गया है। टाटा टेक्नोलॉजीज और 18 अन्य वैश्विक कंपनियों की मदद से 9 नए ट्रेड और 23 शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू हुए हैं।
कौशल विकास मिशन का बड़ा असर
युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए प्रदेश सरकार का कौशल विकास मिशन भी कारगर साबित हो रहा है। पिछले आठ वर्षों में इस मिशन के माध्यम से 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण मिला है, जिनमें से 5.65 लाख युवाओं को सीधे रोजगार और सेवायोजन से जोड़ा गया। वर्तमान में 350 से अधिक कोर्स 1000 प्रशिक्षण पार्टनर्स के सहयोग से संचालित हो रहे हैं।
1.80 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण
इसके अलावा, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत 1.80 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 1.30 लाख को रोजगार मिला। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से 2.5 हजार युवाओं को 500 प्रतिष्ठित कंपनियों में अवसर मिला है।
विदेश में रोजगार और पारंपरिक कारीगरों को सहारा
प्रदेश सरकार अब युवाओं को विदेश में सेवायोजन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है। विदेश कामगार कौशल प्रशिक्षण एवं सेवायोजन योजना पर विचार चल रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से 1.20 लाख पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और 1 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण दिया गया है।
रोजगार मेलों से 4.13 लाख युवाओं को नौकरी
प्रदेशभर में आयोजित 1736 रोजगार मेलों के जरिए अब तक 4.13 लाख युवाओं को 2537 कंपनियों में नौकरी मिली है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 600 से अधिक स्कूलों में स्कूली छात्रों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। करीब 20 हजार छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणपत्र भी प्राप्त हुए हैं।
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सफल अभ्यर्थियों ने जताया आभार
नव नियुक्त अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि यह अवसर केवल उनकी मेहनत का नहीं, बल्कि सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा है। मैनपुरी की सीमा ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से उनकी मेहनत रंग लाई। लखनऊ की अल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि अनुदेशक बनने से उनके माता-पिता का सपना पूरा हुआ है। गोरखपुर के श्यामू विश्वकर्मा ने बताया कि किसान परिवार से आने के बावजूद उन्हें पहली बार सरकारी नौकरी मिली। उत्तर प्रदेश सरकार का यह प्रयास न केवल युवाओं को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ रहा है, बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, आईटीआई का आधुनिकीकरण और कौशल विकास मिशन मिलकर लाखों युवाओं को रोजगार का भरोसा दे रहे हैं।



