पटना: बिहार की सियासत में एक और नया मोड़ आ गया है। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है। इस नई पार्टी का नाम रखा गया है – जनशक्ति जनता दल (JJD)। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी के पहले पोस्टर में तेज प्रताप ने कर्पूरी ठाकुर की तस्वीर जरूर लगाई है, लेकिन अपने पिता पिता व पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और मां राबड़ी देवी की तस्वीर नहीं लगाई है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हमलोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण रूप से समर्पित और तत्पर हैं। हमारा मकसद बिहार में संपूर्ण बदलाव कर एक नई व्यवस्था का नव निर्माण करना है।
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) September 25, 2025
हमलोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।#tejpratapyadav #janshaktijantadal #biharelection pic.twitter.com/GxsQHw0WqQ
“बिहार के संपूर्ण विकास के लिए लड़ाई”
तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पार्टी की आधिकारिक घोषणा करते हुए लिखा –
"हम लोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण रूप से समर्पित और तत्पर हैं। हमारा मकसद है बिहार में संपूर्ण बदलाव कर एक नई व्यवस्था का निर्माण करना। इसके लिए हम लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।"
आरजेडी से 6 साल के लिए निष्कासित
आपको मालूम है कि तेज प्रताप यादव को हाल ही में राजद (RJD) से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। यह निर्णय खुद उनके पिता लालू यादव ने लिया था। कहा जा रहा है कि तेज प्रताप न सिर्फ पार्टी से बल्कि परिवार से भी अलग-थलग पड़ गए हैं। दरअसल, बीते जुलाई महीने में तेज प्रताप ने अपने सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव नामक युवती से प्रेम करने का दावा किया था। उनके इस पोस्ट के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया और कुछ ही दिनों बाद राजद की ओर से उन्हें पार्टी से बाहर करने का एलान किया गया।
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क्या तेज प्रताप देंगे तेजस्वी को चुनौती?
तेज प्रताप यादव की नई पार्टी की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में राजद उम्मीदवारों के खिलाफ अपने प्रत्याशी खड़ा करेंगे?
याद रहे कि 2020 के चुनाव में तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को ‘अर्जुन’ और खुद को ‘कृष्ण’ बताते हुए मुख्यमंत्री बनाने की अपील की थी। लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। ऐसे में राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या तेज प्रताप अब अपने ही ‘अर्जुन’ को मात देने के लिए मैदान में उतरेंगे।
तेज प्रताप यादव की पार्टी को लेकर अभी कई सवाल बाकी हैं –
- क्या उन्हें कार्यकर्ताओं का समर्थन मिलेगा?
- क्या वे मुस्लिम-यादव समीकरण में सेंध लगा पाएंगे?
- और सबसे अहम, क्या उनकी पार्टी चुनावी मैदान में राजद के लिए चुनौती बन पाएगी?
फिलहाल इतना तय है कि तेज प्रताप यादव ने बिहार की सियासत में एक नया मोर्चा खोल दिया है और आने वाले चुनाव में इसका असर जरूर देखने को मिलेगा।



