पटना: राज्य में शिक्षकों के ट्रांसफर और इससे जुड़ी शिकायतों का निपटारा अब जिला स्तर पर होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने जिला पदाधिकारी (डीएम) की अध्यक्षता में 8 सदस्यीय जिला स्थापना समिति गठित करने का आदेश दिया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा मंगलवार को जारी पत्र के अनुसार, समिति में डीएम अध्यक्ष होंगे, जबकि उप विकास आयुक्त, अपर जिला दण्डाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), डीएम द्वारा मनोनीत अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी का एक पदाधिकारी, एक वरीय महिला उप समाहर्ता (या अन्य महिला पदाधिकारी), और अल्पसंख्यक श्रेणी का एक पदाधिकारी सदस्य होंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) समिति के सदस्य सचिव होंगे।
यह समिति जिला के भीतर शिक्षकों के ट्रांसफर, अंतर-जिला ट्रांसफर के लिए अनुशंसा, ट्रांसफर संबंधी शिकायतों का निपटारा और स्वीकृत रिक्त पदों तक प्रतिनियुक्ति का कार्य करेगी। इस कदम से शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित और स्थानीय स्तर पर समाधान होने की उम्मीद है।
इससे पहले गत गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण में बड़ा सुधार करते हुए नई व्यवस्था की घोषणा करते हुए कहा था कि अब बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षक स्थानांतरण के लिए अपने आवेदन में तीन जिलों का विकल्प चुन सकेंगे और उनका पदस्थापन उन्हीं चुनिंदा जिलों में किसी एक में किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य शिक्षकों की पारिवारिक और सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनकी संतुष्टि और मनचाही तैनाती सुनिश्चित करना है।
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मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा था कि शिक्षा विभाग द्वारा हाल में किए गए शिक्षकों के स्थानांतरण पर विभिन्न सुझाव मिले जिनकी समीक्षा के बाद यह निर्देश दिया गया है कि जिन शिक्षकों को अंतर जिला स्थानांतरण में समस्या हो, उनसे तीन जिलों के विकल्प लिए जाएं और उन्हीं में से तैनाती की जाए। पदस्थापन की प्रक्रिया जिले के जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाएगी, जो शिक्षक की प्राथमिकता के प्रखंड या उनके आस-पास विद्यालयों में तैनाती सुनिश्चित करेगी।



