35 लाख किसानों के खाते में भेजी गई फसल बीमा की राशि, ऐसे चेक करें

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किस्त किसानों के खाते में भेज दी गई है। 3900 करोड़ रुपये की डिजिटल राशि का पता इस तरह किया जा सकता है।

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नई दिल्ली: सरकार ने देशभर के 35 लाख किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की किस्त भेज दी गई। किसानों के खाते में 3,900 करोड़ रुपये डिजिटल राशि के तौर पर भुगतान किए गए हैं। केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान के झुंझूनु से किसानों के खातों में भुगतान किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीराथ चौधरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले की सरकार फसल बीमा की राशि पूरी तहसील या ब्लॉक की फसल बर्बाद होने के बाद ही देती थी, लेकिन अब एक गांव क्या एक किसान की भी अगर फसल बर्बाद हुई तो बीमा की राशि दी जाएगी।यह सिर्फ योजना ही नहीं बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सरकार किसानों की जिंदगी सुखद बना रही है। पौने चार लाख करोड़ रुपये की धनराशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सीधे किसानों के खातों में वितरित की जा चुकी है। 

2.12 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2016 में शुरू हुई थी। तब से अब तक 2 लाख 12 हजार करोड़ रुपये किसानों को दिए जा चुके हैं। खाद की सब्सिडी भी दी जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 45 किलो यूरिया की बोरी की असली कीमत 1,633 रुपये है, लेकिन सरकार की सब्सिडी वजह से किसानों को 266 रुपये में मिल रही है। डीएपी की 50 किलो की बोरी किसानों को 1,350 रुपये में मिलती है। इसकी असली कीमत है 3,100 रुपये। अब तक 14 लाख 6 हजार करोड़ रुपये सस्ते खाद के लिए फर्टिलाइजर कंपनियों को दिए जा चुके हैं।

लागत में 50 फीसदी लाभ जोड़कर तय होगी एमएसपी

उन्होंने बताया कि सरकार एमएसपी का दाम भी बढ़ाया है। किसानों की लागत में 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर ही एमएसपी तय करने का निर्णय लिया गया। सरकार ने 2,000 रुपये प्रति क्विंटल मूंग खरीदने का निर्णय लिया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पीएम आशा योजना के तहत अब-तक गेहूं और धान की खरीद के लिए किसानों के खातों में 43 लाख 87 हजार करोड़ रुपये डाले गए हैं। बाजार हस्तक्षेप योजना (MIP) के तहत भी किसानों को दूसरे राज्यों में माल बेचने की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है, जिसमें परिवहन की लागत सरकार वहन करेगी। किसानों के फायदे के लिए नई-नई योजनाएं बनाने का काम किया जा रहा है।

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नकली खाद पर सख्ती

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नकली खाद और उर्वरक पर नकेल कसने के लिए कड़ा कानून बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है। दोषियों को जेल भेजा जाएगा। फसलों पर वायरस अटैक की स्थिति में यदि किसान जानकारी साझा करेंगे या उसका फोटो भेजेंगे तो मदद के लिए वैज्ञानिकों की टीम तुरंत पहुंचेगी।

विकसित कृषि संकल्प अभियान

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि खरीफ की फसल के बाद अब रबी की फसल के लिए भी ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के तहत वैज्ञानिकों की टीम गांव-गांव जाएगी। किसानों को खेती व शोध की सही जानकारी देगी। अब भावी कृषि अनुसंधान खेती और किसानों की मांग पर आधारित होंगे।

ऐसे चेक करें आपकी की किस्त आई या नहीं

पीएम बीमा किसान योजना की अधिकारिक वेबसाइट के होम पेज पर दिए गए फार्मर कॉर्नर ऑप्शन को चुनें। फिर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज कर, लॉगिन करें। फिर मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करें। इसके बाद किसान क्लेम स्टेटस (Kisan Clam Status) या एप्लीकेशन स्टेटस (Application Status) विकल्प को क्लिक करें तो पॉलिसी नंबर, आधार नंबर भरने के लिए ऑप्शन आएगा। इसे भरने के बाद आपको बीमा क्लेम का स्टेटस पता चल जाएगा।

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