नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में पिछले एक दशक से बल्लेबाजी की रीढ़ माने जाने वाले रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) अब अपने करियर के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं। टेस्ट और टी20 क्रिकेट को अलविदा कह चुके इन दोनों दिग्गजों के वनडे भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बीसीसीआई सूत्रों का मानना है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप (World Cup 2027) में दोनों के खेलने की संभावना बेहद कम है, क्योंकि उस समय तक दोनों की उम्र लगभग 40 वर्ष होगी। बोर्ड का रुख स्पष्ट है—भविष्य के लिए टीम को तैयार करने में अब युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
गिल के हाथों में कमान
रोहित और विराट के बाद वनडे टीम की कप्तानी के लिए सबसे मजबूत नाम शुभमन गिल (Shubman Gill) का है। मौजूदा समय में गिल टीम के उप-कप्तान हैं और टेस्ट क्रिकेट में भी वे नेतृत्व की क्षमता दिखा चुके हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बीसीसीआई उन्हें स्थायी कप्तान बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है, ताकि टीम में लंबी अवधि के लिए स्थिर नेतृत्व तैयार हो सके।
जायसवाल और सैमसन को बड़ा मंच
विराट कोहली की जगह टीम में युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) को मौका मिल सकता है। वनडे में अब तक उन्होंने केवल एक मैच खेला है, लेकिन घरेलू और टेस्ट क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। वहीं, रोहित शर्मा के विकल्प के तौर पर संजू सैमसन (Sanju Samson) को देखा जा रहा है। सैमसन अब तक वनडे में 56 की औसत से 510 रन बना चुके हैं, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। उनका अनुभव और लचीलापन टीम के मध्यक्रम को मजबूती दे सकता है।
संभावित 2027 वर्ल्ड कप स्क्वॉड
टीम में अनुभव और युवा जोश का संतुलन बनाए रखने के लिए चयनकर्ताओं की नजरें कई खिलाड़ियों पर हैं। संभावित स्क्वॉड इस प्रकार हो सकता है-
- शुभमन गिल (कप्तान)
- यशस्वी जायसवाल
- केएल राहुल
- श्रेयस अय्यर
- संजू सैमसन
- हार्दिक पांड्या
- वाशिंगटन सुंदर
- ऋषभ पंत (उप-कप्तान)
- कुलदीप यादव
- रवि बिश्नोई
- जसप्रीत बुमराह
- मोहम्मद सिराज
- मोहम्मद शमी
- अर्शदीप सिंह
- हर्षित राणा
नए युग की शुरुआत
2027 का वनडे वर्ल्ड कप (World Cup 2027) भारतीय क्रिकेट के लिए एक नए युग की दस्तक साबित हो सकता है। जहां एक ओर रोहित-विराट जैसे दिग्गजों की कमी महसूस होगी, वहीं दूसरी ओर युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा। क्रिकेट जानकारों का कहना है कि यह बदलाव जरूरी है, ताकि आने वाले समय में भारत के पास एक मजबूत, तेज़ और संतुलित टीम हो, जो किसी भी परिस्थिति में मुकाबला कर सके।
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आने वाले महीनों में चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के फैसले यह तय करेंगे कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा-अनुभव की राह पर या पूरी तरह युवा शक्ति के भरोसे। लेकिन इतना तय है कि 2027 का वर्ल्ड कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि टीम इंडिया के लिए नई सोच और नए सफर की शुरुआत होगा।



