पटना: Bihar में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये किए जाने के बाद, इसकी दूसरी किस्त 10 अगस्त को जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बार भी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशि भेजेंगे।
1247 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होगी जारी
इस बार दूसरी किस्त के रूप में कुल 1 करोड़ 12 लाख 18 हजार 845 लाभार्थियों के खातों में 1247 करोड़ 34 लाख 23 हजार 800 रुपये की राशि जारी की जाएगी। समाज कल्याण विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। यह कदम बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों समेत अन्य जरूरतमंदों को बड़ी राहत देगा।
पंचायत स्तर तक लगेंगे शिविर
इस मौके पर समाज कल्याण विभाग जिला से लेकर पंचायत स्तर तक बड़े शिविरों का आयोजन करेगा। इन शिविरों में करीब 1 करोड़ से अधिक लोगों को जोड़ने की तैयारी है। हर पंचायत में लगभग 500 लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्रखंडों, अनुमंडलों और जिला स्तर पर भी शिविर लगेंगे, जहाँ सरकारी अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। यह दूसरी किस्त है, जबकि पहली किस्त 11 जुलाई को जारी की गई थी, जिसमें राज्यभर में लगे शिविरों में करीब 76 लाख लोग शामिल हुए थे। इससे, बिहार सरकार की सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर की गई एक बड़ी पहल का हिस्सा है।
पेंशन राशि में वृद्धि
बिहार में लंबे समय से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रुपये थी, जो बढ़ती महंगाई को देखते हुए लाभार्थियों के लिए नाकाफी थी। सरकार ने बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की आर्थिक मदद बढ़ाने के उद्देश्य से इस राशि को 1100 रुपये तक बढ़ाने का निर्णय लिया, जिससे उन्हें थोड़ी राहत मिल सके।
चुनावी वादे और जन कल्याण
यह निर्णय सरकार की उन नीतियों का हिस्सा है, जिनमें गरीबों और जरूरतमंदों को सीधे लाभ पहुँचाने पर जोर दिया जाता है। पेंशन राशि में यह वृद्धि सरकार की जन कल्याणकारी छवि को मजबूत करती है और यह भी दर्शाती है कि सरकार अपने वादों को पूरा कर रही है।
डीबीटी और पारदर्शिता
पेंशन की राशि को सीधे बैंक खातों में (DBT) भेजना भी इस खबर का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह प्रणाली भ्रष्टाचार को कम करती है और यह सुनिश्चित करती है कि लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के पूरा पैसा मिल सके।
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जनसंपर्क और जागरूकता
पहली और दूसरी किस्त जारी करने के दौरान पंचायत स्तर तक शिविरों का आयोजन करना सरकार की एक रणनीति है। इसका मकसद सिर्फ पैसे बाँटना नहीं, बल्कि लाभार्थियों को एक मंच पर लाकर योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सरकार की पहल से सीधे जोड़ना है। पहली किस्त में 76 लाख लोगों की भागीदारी और दूसरी किस्त में 1 करोड़ से अधिक लोगों को जोड़ने की तैयारी, इस योजना को बड़े पैमाने पर सफल बनाने का प्रयास है।
यह खबर सिर्फ एक वित्तीय घोषणा नहीं है, बल्कि बिहार सरकार की सामाजिक सुरक्षा, पारदर्शिता और जनसंपर्क पर केंद्रित एक बड़ी रणनीति को दर्शाती है।



