पटना: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है और इस बार बिहार की सियासत में भी इस त्योहार ने एक नया रंग जोड़ा है। आरजेडी नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने रक्षाबंधन के मौके पर बिहार की महिलाओं को संबोधित करते हुए एक भावनात्मक पत्र लिखा है। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दो पन्नों के पत्र में तेजस्वी ने न केवल राज्य की महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं, बल्कि उनसे एक अनोखी अपील भी की। उन्होंने कहा, “मेरी प्रिय बिहार की बहनों, अपने भाइयों को राखी बांधने के बाद एक राखी अपने इस भाई तेजस्वी के नाम की भी बांधें। मैं हर घर नहीं पहुंच सकता, लेकिन हर बहन की खुशहाली और सुरक्षा के लिए नीतियां बना रहा हूं।”
मेरी प्रिय बिहार की बहनों,
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) August 9, 2025
आप सभी को ‘रक्षाबंधन’ की हार्दिक शुभकामनाएँ, ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको इस रक्षाबंधन सुख, समृद्धि, शांति और प्रगति प्रदान करे। pic.twitter.com/44qguvvJ4w
Tejashwi Yadav के चुनावी वादे
तेजस्वी ने अपने पत्र में बिहार को नंबर वन बनाने का सपना दोहराया और इसके लिए महिलाओं का सहयोग मांगा। उन्होंने वादा किया कि अगर जनता उन्हें मौका देती है, तो उनकी सरकार बिहार की हर बहन के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू करेगी। इनमें ‘बेटी प्रोग्राम’ शामिल है, जो बच्ची के जन्म से लेकर रोजगार तक की संपूर्ण देखभाल का वादा करता है। इसके अलावा, ‘माई-बहन योजना’ के तहत महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये, विधवा, बुजुर्ग और दिव्यांग महिलाओं के लिए 1500 रुपये की पेंशन, 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, बेटियों के लिए उच्च स्तरीय कोचिंग संस्थान, विश्वस्तरीय खेल प्रशिक्षण, मुफ्त परीक्षा फॉर्म, पेपर लीक पर लगाम और यात्रा सुविधा जैसी योजनाएं शामिल हैं। तेजस्वी ने जोर देकर कहा कि ये योजनाएं बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाएंगी। तेजस्वी ने नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला और 20 साल की नाकामी का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनकी 17 महीने की महागठबंधन सरकार ने लाखों नौकरियां देकर यह साबित किया कि “असंभव” बिहार के शब्दकोश में नहीं है। उन्होंने नीतीश सरकार पर 70 हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा, “सत्ता में आने पर हम इस राशि को वापस लाएंगे और बिहार की बहनों को रक्षाबंधन के शगुन के रूप में देंगे।” यह वादा न केवल भावनात्मक है, बल्कि उनकी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी है, क्योंकि बिहार में महिलाएं एक बड़ा वोट बैंक हैं और पिछले दो दशकों से नीतीश कुमार को समर्थन देती रही हैं। गोपालगंज के बैंकुठपुर विधानसभा क्षेत्र में तेजस्वी ने बहनों से कलाई पर रक्षा की डोर बंधवाकर इस संदेश को और मजबूत किया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, आप सभी बहनों का आशीर्वाद मुझे बिहार को नंबर वन बनाने की ताकत देता है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि तेजस्वी का यह पत्र न केवल एक भावनात्मक अपील है, बल्कि 2025 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
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ढोंगियों के वादों में न आएं
तेजस्वी ने बहनों से “ढोंगियों के वादों” में न आने की अपील करते हुए कहा कि जो लोग 20 साल में बिहार का विकास नहीं कर पाए, वे अब चुनाव नजदीक देखकर झूठे वादे कर रहे हैं। उन्होंने महागठबंधन को वोट देकर एक सकारात्मक, विकासशील और महिला-केंद्रित सरकार लाने का आग्रह किया। तेजस्वी यादव का रक्षाबंधन पर लिखा यह पत्र न केवल एक भावनात्मक संदेश है, बल्कि बिहार की सियासत में एक नया रंग भरने की कोशिश भी है। महिलाओं को सशक्त करने और बिहार को नंबर वन बनाने के उनके वादे कितने हकीकत में बदलते हैं, यह तो भविष्य बताएगा, लेकिन इस पत्र ने बिहार के सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।



