नई दिल्ली। दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार शाम भारी बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब एक नवनिर्मित चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
4 लोगों की हुई मौत
यह हादसा के.एन. काटजू मार्ग थाना क्षेत्र के जी-4/151-152 स्थित इमारत में हुआ। सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने मौके पर दमकल की गाड़ियां भेजीं। इसके बाद एनडीआरएफ, डीएफएस, टीपीडीडीएल और अन्य नागरिक एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान मलबे में फंसे 32 वर्षीय मजदूर सद्दाम उर्फ रवि को जीवित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है, जबकि मलबा हटाने का कार्य अभी भी जारी है। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 42 वर्षीय राम, 24 वर्षीय काफे उर्फ नूरुल और 62 वर्षीय राम दुआ के रूप में हुई है। राम दुआ को इमारत के मालिक का पिता बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस घटना ने इमारत के निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह इमारत हाल ही में बनकर तैयार हुई थी और निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही महीनों बाद यह हादसा हुआ। खास बात यह है कि जिस समय इमारत गिरी, उस दौरान उसमें कोई बड़ा निर्माण या मरम्मत कार्य नहीं चल रहा था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, डिजाइन या निर्माण प्रक्रिया में किसी तरह की गंभीर खामी रही हो सकती है।



