नालंदा: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया का शोर थम चुका है। नालंदा जिले की 7 विधानसभा सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होना है। जिले की सभी सातों विधानसभा सीटों से कुल 94 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें राजद के बागी पूर्व विधायक पप्पू खान उर्फ नौशाद-उन-नबी की पत्नी आफरीन सुल्ताना समेत 23 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द कर दिया गया है। अब 71 प्रत्याशी मैदान में बने हुए हैं।
बिहारशरीफ क्षेत्र से 8 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द
बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र से 8 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द किया गया है, जिससे अब वहां 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। वहीं राजगीर से 5, हिलसा और हरनौत से 3-3, तथा नालंदा और अस्थावां विधानसभा क्षेत्र से 2-2 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द हुआ है। अस्थावां में कुल 8 प्रत्याशी, नालंदा में 10 और राजगीर में शेष प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र में सभी 13 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सही पाए गए हैं। बिहारशरीफ, हिलसा और हरनौत में अब 11-11 प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में हैं।
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प्रत्याशियों में दिखी नाराजगी
इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से देर शाम तक आधिकारिक सूची जारी नहीं किए जाने से प्रत्याशियों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय पूर्व विधायक पप्पू खान ने अनुमंडल पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब भाजपा के इशारों पर किया गया है। उन्होंने कहा कि हम इसकी शिकायत आगे करेंगे। मेरी पत्नी, निर्दलीय प्रत्याशी आफरीन सुल्ताना ने 17 अक्टूबर को नामांकन किया था। 18 अक्टूबर की सुबह जांच (स्क्रूटनी) के लिए बुलाया गया था, लेकिन समय पर पहुंचने के बावजूद उन्हें बुलाया नहीं गया।
वहीं, अनुमंडलीय अधिकारी नीतिन वैभव काजले ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी प्रत्याशियों को माइक से नाम पुकारकर बुलाया गया था। लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।



