नई दिल्ली: दिल्ली में इस साल साइबर अपराधियों (Cyber Fraud) ने लोगों को करीब एक हजार करोड़ रुपये का चूना लगाया है। डीसीपी (इंटेलीजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस) विनीत कुमार के अनुसार, इस राशि का केवल 20% ही बैंकों में फ्रीज हो सका, बाकी पैसा ठगों की जेब में चला गया। पिछले साल 2024 में भी 1,100 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी, जिसमें सिर्फ 10% राशि ही रोकी जा सकी। साइबर फ्रॉड के मामले न केवल दिल्ली, बल्कि पूरे देश और विश्व में बढ़ रहे हैं।
सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले स्कैम
दिल्ली में साइबर ठगों ने निवेश, डिजिटल अरेस्ट और बॉस स्कैम जैसे तरीकों से लोगों को लूटा। निवेश स्कैम में ठग मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं। डिजिटल अरेस्ट में अपराधी पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के जरिए झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हैं और पैसे ऐंठते हैं। वहीं, बॉस स्कैम में ठग कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी बनकर फाइनेंस कर्मचारियों को फर्जी मैसेज भेजकर पैसा ट्रांसफर करवाते हैं।
पुलिस की अपील और बचाव के उपाय
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। डीसीपी विनीत कुमार ने कहा कि साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज करें। इससे ठगी की राशि को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। लोगों को संदिग्ध ऑनलाइन निवेश ग्रुप में शामिल होने, अनजान लिंक्स से ऐप या फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति बॉस या अधिकारी बनकर पैसे मांगे, तो बिना सत्यापन के कोई ट्रांजेक्शन न करें। हमेशा क्रॉस-चेक करें।
सतर्कता ही बचाव
साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए जागरूकता और सावधानी जरूरी है। अनजान कॉल्स, मैसेज या लिंक्स पर भरोसा करने से पहले सोचें और जांचें। तुरंत शिकायत और सतर्कता ही इन ठगों से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।



