दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सहायक महानिरीक्षक जय प्रकाश अजाद द्वारा लिखित प्रेरक पुस्तक ‘होगी जय… हे पुरुषोत्तम नवीन!’ का विमोचन रविवार को बल मुख्यालय में किया गया। पुस्तक का विमोचन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने किया।
पुस्तक से मिलेगी प्रेरणा
महाकवि सूर्य कान्त त्रिपाठी निराला की प्रसिद्ध रचना राम की शक्ति पूजा से प्रेरित यह पुस्तक आधुनिक जीवन की चुनौतियों, संघर्षों और निराशा के बीच आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच का संदेश देती है। पुस्तक में भगवान राम के संघर्ष, साहस और विजय के प्रसंगों के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने का प्रयास किया गया है।
लेखक जय प्रकाश आजाद ने स्पष्ट किया कि यह पुस्तक रामायण का पुनर्लेखन नहीं है, बल्कि भगवान राम के जीवन, संघर्ष, धैर्य और कर्मयोग से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी को नई दिशा देने का प्रयास है। पुस्तक में लेखक ने अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए हैं, जिससे यह पाठकों के और अधिक निकट प्रतीत होती है।
सरल, सहज और प्रेरणादायक भाषा में लिखी गई यह पुस्तक युवाओं सहित सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए आत्मविश्लेषण, आत्मविश्वास निर्माण और जीवन प्रबंधन का उपयोगी मार्गदर्शक बन सकती है।
इस अवसर पर महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों और तनाव के बीच यह पुस्तक युवाओं और सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक व्यक्ति के भीतर छिपी शक्ति और संभावनाओं को पहचानने का संदेश देती है।
विमोचन के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई भावभीनी विदाई
इसी अवसर पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को उनकी दीर्घकालिक और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए भावभीनी विदाई भी दी। इनमें इंस्पेक्टर जनरल शिखर सहाय, एनईएस-II (कोलकाता) और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल दिग्विजय सिंह, वेस्टर्न मुख्यालय, मुंबई शामिल हैं। दोनों अधिकारी 31 मई 2026 को अपनी लंबी, समर्पित और गौरवपूर्ण सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

महानिदेशक ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा और संगठनात्मक दायित्वों के निर्वहन में दोनों अधिकारियों की सेवाएं उल्लेखनीय रही हैं और उनका अनुभव तथा कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।



