पटना: पूर्व चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी पार्टी को अकेले मैदान में उतारने की घोषणा कर दी है। इस फैसले से केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के साथ संभावित गठबंधन की अफवाहों पर पूर्ण विराम लग गया है। किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का गठबंधन केवल बिहार की जनता के साथ है, न कि किसी राजनीतिक दल से।
अकेले मैदान में उतरेगी जन सुराज
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जन सुराज किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। हमारा गठबंधन केवल बिहार की जनता से है, जो बदलाव चाहती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी पूरी तरह स्वतंत्र होकर 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। किशोर ने स्वयं भी चुनाव लड़ने की इच्छा जताई, खासकर रघोपुर सीट से, जहां वे तेजस्वी यादव के खिलाफ उतर सकते हैं।
4-5 चरणों में उम्मीदवारों की घोषणा
प्रशांत किशोर ने पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की पहली बैठक के बाद घोषणा की है कि उम्मीदवारों की सूची 4-5 चरणों में जारी की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि जन सुराज 48 फीसदी वोट हासिल करेगी और या तो पहले नंबर पर आएगी या आखिरी पर, लेकिन मध्य में नहीं। किशोर ने NDA सरकार के जाने की भविष्यवाणी भी की, कहते हुए कि अगली सरकार जनता तय करेगी। जन सुराज ने 2022 से ‘बिहार बदलाव यात्रा’ के जरिए 5 हजार किमी से अधिक पैदल यात्रा कर 5,500 गांवों का दौरा किया है, जो पार्टी की ग्रासरूट रणनीति को दर्शाता है। किशोर ने शराबबंदी को समाप्त करने और शिक्षा-रोजगार पर फोकस का वादा किया है।
चिराग पासवान से गठबंधन की अटकलें हुई खत्म
बीते कुछ हफ्तों से जन सुराज और लोजपा (रामविलास) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं जोरों पर थीं। माना जा रहा था कि सीट बंटवारे को लेकर चिराग पासवान और भाजपा के बीच खींचतान के चलते प्रशांत किशोर से उनकी बातचीत चल रही है। हालांकि, प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद सभी अटकलें खत्म हो गई हैं।
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चिराग की पोस्ट ने बढ़ाई थी अटकलें
चिराग पासवान ने अपने अपने पिता दिवंगत रामविलास पासवान को लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि “अपराध मत करो, अपराध मत सहो। जीना है तो मरना सीखो और हर कदम पर लड़ना सीखो।” इस पोस्ट को राजनीतिक हलकों में भाजपा के साथ सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी के संकेत के रूप में देखा गया।
एनडीए में सीट बंटवारे पर मतभेद बरकरार
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चिराग पासवान ने 35 से 40 सीटों की मांग की है। जबकि भाजपा ने केवल 25 सीटों की पेशकश की है। चिराग पासवान फिलहाल इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं, जिससे एनडीए के भीतर तनाव की स्थिति बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर का अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय बिहार के तीसरे मोर्चे की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।



