पटना: बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने महागठबंधन की ‘वोट अधिकार यात्रा’ के लिए एक नया कैंपेन सॉन्ग जारी किया है। यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू होगी और 16 दिनों तक बिहार के 25 जिलों से होकर गुजरेगी, जिसका समापन पटना में होगा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारतीय चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम का विरोध करना है, जिसे महागठबंधन का मानना है कि इससे कई पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।
कैंपेन सॉन्ग में ‘किसी का वोट कटे नहीं’ का संदेश
लॉन्च किए गए 2 मिनट 40 सेकंड के वीडियो सॉन्ग का शीर्षक है “किसी का भी अधिकार छूटे नहीं, आजादी का भाव टूटे नहीं”। इस गाने में “है अलख तेजस्वी, है सजग तेजस्वी” जैसे नारे दिए गए हैं, जो मतदाता सत्यापन प्रक्रिया के खिलाफ पार्टी के विरोध को और मजबूत करते हैं। तेजस्वी यादव ने खुद ट्वीट करके इस संदेश को दोहराया है और कहा है कि यह यात्रा सुनिश्चित करेगी कि किसी भी योग्य मतदाता का वोट न कटे।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव करेंगे यात्रा का नेतृत्व
यह यात्रा महागठबंधन के दो प्रमुख नेताओं, कांग्रेस के राहुल गांधी और आरजेडी के तेजस्वी यादव, के संयुक्त नेतृत्व में शुरू होगी। इस यात्रा में इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगी दल जैसे कांग्रेस, आरजेडी, वामपंथी दल और मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे।
यात्रा का विस्तृत रूटमैप
‘वोट अधिकार यात्रा‘ सासाराम से शुरू होकर बिहार के विभिन्न हिस्सों से गुजरेगी।
- पहला चरण: सासाराम, औरंगाबाद, गया, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, जमुई, लखीसराय, मुंगेर से होते हुए यह भागलपुर पहुंचेगी।
- दूसरा चरण: भागलपुर के बाद यह यात्रा कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जाएगी।
- तीसरा चरण: मुजफ्फरपुर से यात्रा सीतामढ़ी, मोतिहारी, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, छपरा और आरा पहुंचेगी।
- समापन: यात्रा का अंतिम पड़ाव पटना होगा, जहां 1 सितंबर को इसका समापन होगा।
विरोध का कारण
महागठबंधन का आरोप है कि चुनाव आयोग का यह गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम एक राजनीतिक साजिश है, जिसका उद्देश्य बिहार में अल्पसंख्यक समुदायों और पिछड़े वर्गों के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना है। उनका मानना है कि इस प्रक्रिया में, बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं को फर्जी या मृत बताकर उनका वोट काटने की कोशिश की जा रही है, ताकि आने वाले चुनावों में उनके वोट बैंक को कमजोर किया जा सके।
तेजस्वी यादव और महागठबंधन का रुख
तेजस्वी यादव ने बार-बार यह कहा है कि यह अभियान गरीब, दलित और वंचितों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। ‘वोट अधिकार यात्रा’ के माध्यम से महागठबंधन इन आरोपों को जनता के बीच ले जाना चाहता है और लोगों को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना चाहता है। यह यात्रा न केवल मतदाता सत्यापन प्रक्रिया का विरोध करती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से न हटे।
यात्रा का राजनीतिक महत्व
यह यात्रा बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले महागठबंधन की एकजुटता को भी दर्शाती है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेताओं के एक मंच पर आने से ‘इंडिया’ गठबंधन की ताकत का प्रदर्शन हो रहा है। यह यात्रा वोटरों को लामबंद करने और सरकार के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक नैरेटिव स्थापित करने का एक तरीका भी है।
यह यात्रा मतदाताओं को जागरूक करने और मतदाता सूची से नाम काटे जाने की कथित साजिश के खिलाफ एक बड़ा अभियान है, जिसे महागठबंधन ने राजनीतिक मुद्दा बना लिया है।



