पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। इन फैसलों में होम गार्ड के भत्ते में बढ़ोतरी, सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और बिहार में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की तर्ज पर एक नया ब्यूरो बनाने का निर्णय शामिल है।
होम गार्ड का भत्ता बढ़ा
कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने होम गार्ड के भत्ता में बढ़ोतरी कर दी है। पहले होम गार्ड को प्रति कार्य दिवस ₹774 का भत्ता मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब ₹1121 कर दिया गया है। यह फैसला होम गार्ड के जवानों के लिए एक बड़ी राहत है।
सात जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज
बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए, कैबिनेट ने सात नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। गांधी मैदान में की गई घोषणा के अनुरूप, ये मेडिकल कॉलेज किशनगंज, कटिहार, रोहतास, शिवहर, लखीसराय, अरवल और शेखपुरा जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
बिहार में बनेगा अपना नारकोटिक्स ब्यूरो
राज्य में मादक पदार्थों और शराब से जुड़ी अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए नीतीश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब बिहार में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की तर्ज पर अपना “मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो” गठित किया जाएगा। वर्तमान में इन मामलों की जांच आर्थिक अपराध इकाई और मद्यनिषेध इकाई द्वारा की जाती है। बेहतर और समन्वित कार्रवाई के लिए, इन दोनों इकाइयों को मिलाकर एक नया और संयुक्त ब्यूरो बनाया जाएगा। इस नए ब्यूरो के लिए 88 नए पद सृजित किए गए हैं, जबकि 12 पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्तियां होंगी और पहले से मौजूद 229 पदों को इसमें स्थानांतरित किया जाएगा।
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राजस्व कर्मचारियों और अमीन के पदों में बदलाव
राजस्व विभाग में भी अहम बदलाव किए गए हैं:
- राजस्व कर्मचारी: इस पद को अब जिला स्तरीय से हटाकर राज्य स्तरीय बना दिया गया है, जिससे उनका स्थानांतरण राज्य में कहीं भी हो सकेगा। पद के लिए योग्यता को इंटर से बढ़ाकर स्नातक किया गया है और न्यूनतम आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दी गई है।
- अमीन: अब अमीन को भी पदोन्नति का मौका मिलेगा। उन्हें ग्रेड वन और प्रधान अमीन के पदों पर पदोन्नत किया जा सकेगा।
- गृह रक्षक (होम गार्ड) का भत्ता: होम गार्ड के जवान, जो पुलिस के सहायक के रूप में काम करते हैं, लंबे समय से अपने कम वेतन और भत्ते में वृद्धि की मांग कर रहे थे। उनका भत्ता कई वर्षों से नहीं बढ़ाया गया था। यह बढ़ोतरी उनके कठिन काम और राज्य की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनके योगदान को देखते हुए एक आवश्यक कदम था।
- नए मेडिकल कॉलेज: बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। राज्य के कई जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, जिससे छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है और आम जनता को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने पहले भी इन नए कॉलेजों की स्थापना की घोषणा की थी, और कैबिनेट की मंजूरी ने इस दिशा में एक ठोस कदम उठाया है। यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं को विकेंद्रीकृत करने और चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- नारकोटिक्स ब्यूरो: बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इन अपराधों से निपटने के लिए एक विशेष और संगठित इकाई की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। वर्तमान में, इन मामलों को संभालने वाली इकाइयाँ—आर्थिक अपराध इकाई और मद्यनिषेध इकाई—अलग-अलग काम करती हैं। नया ब्यूरो इन दोनों को मिलाकर एक एकीकृत और अधिक प्रभावी तंत्र स्थापित करेगा, जिससे मादक पदार्थों और शराब से जुड़े अपराधों पर बेहतर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
- राजस्व कर्मचारियों और अमीन के पद: राजस्व कर्मचारियों के पद को राज्य स्तरीय बनाना और अमीन को पदोन्नति देना प्रशासनिक सुधारों का हिस्सा है। पहले जिला-स्तरीय पदोन्नति से कर्मचारियों को सीमित अवसर मिलते थे, जिससे उनके मनोबल पर असर पड़ता था। इन बदलावों से कर्मचारियों को बेहतर करियर ग्रोथ मिलेगी और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही, राजस्व कर्मचारियों की योग्यता को स्नातक तक बढ़ाना आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप है।



