तस्करों पर लगाम कसता सशस्त्र सीमा बल

नेपाल बॉर्डर पर तस्करी की चुनौती हो या देश के अंदर लाल गलियारे की समस्या, हर कदम पर एसएसबी ने साहस का परिचय दिया है। आइये आज सशस्त्र सीमा बल पर करते हैं विस्तृत चर्चा

Share This Article:

भारत-नेपाल बॉर्डर पर बढ़ती तस्करी की खबरों के बीच उत्तरप्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी संजय सिंघल को सशस्त्र सीमा बल (SSB) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। आपको बता दें कि गृह मंत्रालय के अधीन SSB भारत का एक महत्वपूर्ण अर्धसैनिक बल है; इसकी स्थापना 1962 में चीनी आक्रमण के बाद मई 1963 में विशेष सेवा ब्यूरो के रूप में की गई थी। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में एक सीमा, एक बल की नीति अपनाते हुए SSB को दो मित्र राष्ट्र भारत-नेपाल सीमा (1,751 किमी) और भारत-भूटान सीमा (699 किमी) की चौकसी और सुरक्षा का दायित्व दिया गया।

सशस्त्र सीमा बल (SSB) की भूमिका

प्राथमिक तौर पर SSB का काम नेपाल और भूटान से लगती सीमाओं पर 24×7 निगरानी रखना और अवैध गतिविधियों जैसे तस्करी को रोकना है। हालाँकि इसके अलावा SSB सीमा पार अपराध, तस्करी, आतंकवाद पर लगाम लगाने का भी काम करती है। सिविक एक्शन प्रोग्राम के ज़रिये सीमवर्ती लोगों से जुड़ाव भी SSB का अन्य उद्देश्य है। सशस्त्र सीमा बल ने भारत के सीमांत गाँवों की संस्कृति, भाषा और समृद्ध विरासत को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का अद्वितीय कार्य किया है। केंद्र सरकार द्वारा दिए गए अन्य कर्तव्य निभाना भी इसकी ज़िम्मेदारी है। जैसे कानून व्यवस्था, आतंकवाद विरोधी अभियान, चुनाव ड्यूटी, संयुक्त राष्ट्र मिशन आदि। वर्तमान में एसएसबी भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमाओं पर प्रमुख खुफिया एजेंसी भी है। 

लाल गलियारे का किया सफाया

लगभग चार दशक के बाद बिहार और झारखंड के नक्सल मुक्त होने में SSB के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। PIB के एक आंकड़ें के अनुसार SSB ने पिछले 7 वर्षों में 600 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया, 15 से अधिक माओवादियों को मार गिराया और SSB की दबिश के कारण 28 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। ऑपरेशन “Trinetra” तथा अन्य ऑपरेशन के तहत SSB ने बिहार और झारखंड के सीमावर्ती जिलों (जैसे जमुई, गया, लखीसराय, पलामू, और चतरा) में नक्सलवाद का सफाया किया। इसके अलावा 2017 में जमुई, बिहार में नक्सली कार्रवाई, 2020 में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व 4 नक्सली कमांडर को ढेर करने जैसे मिशन करते हुए लाल गिलयारे का सफाया किया। भारत सरकार का लक्ष्य है कि अगले साल 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सल मुक्त किया जाए।

आंतरिक सुरक्षा में योगदान

भारत के पांच राज्यों के कई सीमावर्ती जिले नेपाल-भूटान सीमा से लगते हैं; ऐसे में सीमा पर कई तरह की अवैध गतिविधियां देखी गई हैं। PIB के अनुसार SSB ने एक साल में लगभग चार हजार से ज्यादा तस्कर, 16000 किलो से अधिक मादक पदार्थ और 208 हथियार और भारी मात्रा में गोला बारूद जब्त किया है। साथ ही SSB ने 183 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया और 301 पीड़ित, जिनमें 231 बच्चियाँ शामिल थी, को बचाने का काम किया है। इस तरह भारत की आंतरिक सुरक्षा दुरुस्त रखने में SSB का उल्लेखनीय योगदान है।

कई पुरस्कारों से किया जा चुका है सम्मानित

SSB ने अपनी स्थापना के साथ ही अपने शौर्य और पराक्रम से कई पुरस्कार जीते। SSB को अब तक 4 पद्मश्री, 1 कीर्ति चक्र, 6 शौर्य चक्र, 2 राष्ट्रपति वीरता पदक, 25 पुलिस वीरता पदक और 35 वीरता पदक मिलें हैं। इसमें SSB के संस्थापक बी.एन मलिक का नाम भी शामिल है, जिन्हें पद्म भूषण से नवाजा गया। नक्सल विरोधी ऑपरेशन के लिए Police Medal for Gallantry, SSB के कुछ अधिकारियों को UN Peacekeeping Missions में  शामिल होने के लिए संयुक्त राष्ट्र का अवार्ड तथा 2004 में एसएसबी को अपनी स्थापना के बाद से राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए राष्ट्रपति ध्वज से सम्मानित किया गया। यह किसी रेजिमेंट को राष्ट्र की सुरक्षा में उनके योगदान के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।

SSB की संरचना

SSB गृह मंत्रालय के तहत आने वाला एक सुरक्षा बल है। यह भारत के छह अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों- असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड(NSG) के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) का एक हिस्सा है।

इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है और इसके तीन सीमांत मुख्यालय लखनऊ (उत्तर प्रदेश), पटना (बिहार) और गुवाहाटी (असम) में हैं।

SSB को एक “फ्रेंडली फोर्स” के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह खुली सीमाओं पर तैनात है। साथ ही सामाजिक तौर पर SSB के जवानों को रक्तदान, महिला सशक्तिकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों के साथ अक्सर देखा जाता है।

Kuldeep Dwivedi

kuldeepd999@gmail.com

NewG India का अनुभवी चेहरा, 2017 में RGPV से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। सिविल सर्विसेज कोच और लेखक के तौर पर शिक्षाकुल, एग्जामपुर, कॉसमॉस पब्लिकेशन जैसे अनेक संस्थानों में काम करने का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में NewG India में एंकर एवं रिसर्च स्कॉलर के तौर पर कार्य कर रहे हैं।

One thought on “तस्करों पर लगाम कसता सशस्त्र सीमा बल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.