नई दिल्ली: हरियाणा के हथिनीकुंड से लगातार छोड़े जा रहे पानी की वजह से यमुना में बाढ़ की आशंका को देखते हुए सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करके हालात की समीक्षा भी की।
बैठक के बाद सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री ने बताया कि तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने सभी जोन में सीनियर व जूनियर अफसरों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि दो चीफ इंजीनियर, 5 सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, 20 एक्जीक्यूटिव इंजीनियरों के साथ ही सभी असिस्टेंट व जूनियर इंजीनियरों को अपने अपने एरिया में लगातार मौजूद रहने के लिए कहा गया है।
बाढ़ से निपटने के लिए इंजताम
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने 5,67,200 ईसी बैघ, 3455 घनमीटर पत्थर, 14 हजार से अधिक बल्लियों के अलावा 58 नाव, 675 लाइफ जैकेटस और 24 जनरेटर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दस स्थायी पंपिंग स्टेशन जबकि 82 संवेदनशील जगहों पर मोबाइल पंप लगाए गए हैं। इसके साथ ही दिल्ली जल बोर्ड की टीमों को भी तैनात किया गया है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण व जल बोर्ड कीटीमें केंद्रीय जल आयोग के साथ तालमेल करके कार्य कर रही हैं।
नियमित निगरानी
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री ने बताया कि हथिनीकुंड बैराज, वजीराबाद बैराज और ओखला बैराज से छोड़े जा रहे पानी की लगातार निगरानी हो रही है।
डिस्ट्रिक्ट अफसरों के साथ हाईलेवल मीटिंग
यमुना में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने अलग अलग जिलों के आला अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में साउथ वेस्ट, साउथ ईस्ट और सेंट्रल दिल्ली के डीएम भी मौजूद थे। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि सभी इलाकों में चौकसी बरती जाए और राहत सामग्री, निकासी केंद्र और क्विक रेस्पांस टीमें भी तैयार रखी जाएं।
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जनता को आश्वासन
वर्मा ने दिल्ली के लोगों को आश्व्स्त किया कि सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। अफसर लगातार डयूटी पर हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि वे निश्चिंत रहें। सरकार पूरी तरह से तैयार है।



