जहानाबाद: मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र न केवल विधायक, बल्कि मंत्री और मुख्यमंत्री जैसे बड़े पदों पर आसीन नेताओं को देने के लिए जाना जाता है। जीतन राम मांझी से लेकर रामाश्रय प्रसाद सिंह और बागी कुमार वर्मा जैसे दिग्गजों ने यहां से अपनी राजनीतिक पारी खेली, मगर इसके बावजूद क्षेत्र की जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पुल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। गांवों में सड़कों का अभाव और पुल-पुलियों की समस्याएं इस क्षेत्र की बदहाली की कहानी बयां करती हैं।
माली बीघा में 200 घर है लेकिन सड़क नहीं है
विधानसभा क्षेत्र के माली बीघा में लगभग 200 घर है लेकिन आज भी यहां तक आने-जाने के लिए कोई सड़क नहीं है। इसी तरह सेवती पोखर गांव में भी 150 घर है लेकिन आने जाने का कोई रास्ता अब तक नहीं उपलब्ध हो सका है। इलाके के उपाध्या बीघा के लोग भी एक सड़क के लिए अब तक तरस रहे हैं। सरकार द्वारा बिछाए जाने वाले सड़कों के जाल से आज भी इस विधानसभा क्षेत्र के लोग पूरी तरह से लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। इस विधानसभा में पुल पुलिया की भी बड़ी समस्या है। छरियारी गांव के समीप दो पुल के अलावा जय बीघा के पास पुल की समस्या लंबे समय से है। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर कई बार आंदोलन किए गए लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हो सका।
कृषि प्रधान इस इलाके में सिंचाई की सुविधा नहीं
कृषि प्रधान इस इलाके में सिंचाई सबसे बड़ी समस्या है। बरसात के मौसम में तो किसी तरह नहर के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंच जाता है लेकिन अन्य मौसम में पानी के अभाव में फसल बर्बाद हो जाती हैं। इलाके में लगाए गए अधिकांश नलकूप खराब हालत में है जिसके कारण किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। किसानों के लिए यहां कोई व्यवस्थित मंडी भी उपलब्ध नहीं है। इस विधानसभा क्षेत्र में नहरों की व्यवस्था भी समुचित रूप से नहीं की गई है। इस विधानसभा क्षेत्र में मखदुमपुर प्रखंड के साथ-साथ काको प्रखंड का भी एक बड़ा हिस्सा आता है। उदेरा स्थान बाराज से निकलने वाली नहरें सिर्फ एक इलाके को हीं संचित करता है। जबकि दूसरा इलाका जो रेलवे लाइन के पश्चिम में अवस्थित है वहां बरसात के दिनों में भी सिंचाई की समस्या कायम रहती है। मोरहर नदी की सफाई का मुद्दा भी हमेशा उठता रहा है, इस बार विधानसभा क्षेत्र में भी इस बात को लेकर लोग प्रत्याशियों से सवाल-जवाब जरूर करेंगे। विधानसभा क्षेत्र में कोल्ड स्टोर की व्यवस्था सरकारी स्तर पर नहीं है जिसके कारण व्यापक पैमाने पर कभी आलू उत्पादन करने वाला इलाका अब इससे दूर होता जा रहा है। इलाके में कृषि उत्पादन से जुड़े रोजगार धंधों के विकास की बात भी लंबे समय से होती रही है। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हो सका है। इसके अलावा कई राजव्यापी समस्याएं जैसे पलायन, और लघु उद्योग भी चुनाव में इलाके के लोगों के लिए बड़ा मुद्दा होगा।
वालणावर का और विकास इलाके में ला सकता है समृद्धि
विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख पर्यटक स्थल वालणावर अवस्थित है लेकिन अभी भी यहां श्रद्धालु सालों भर बड़ी संख्या में नहीं पहुंच पाते हैं। यदि अन्य पर्यटक स्थलों की तरह यहां भी सालों पर श्रद्धालुओं का आना-जाना एक समान रूप से कायम रहता है तो इलाके का विकास तेजी से होगा। हालांकि वाणावर के विकास को लेकर इधर काफी कुछ काम हुए हैं लेकिन अभी भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए और अधिक काम तथा योजना की जरूरत है।



