पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक दो हफ्ते पहले महागठबंधन ने अपनी राजनीतिक रणनीति का औपचारिक ऐलान करते हुए एक बड़ा दांव चला है। RJD के नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया गया है, जबकि विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी को उप-मुख्यमंत्री (डिप्टी CM) का उम्मीदवार बनाया गया है। पटना के होटल मौर्या में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने इसकी औपचारिक घोषणा की।
हमारा सपना था कि बिहार अव्वल राज्य में आए।
— Congress (@INCIndia) October 23, 2025
लेकिन 20 साल से बिहार में NDA की सरकार है, उसके बाद भी यहां 👇
⦁ सबसे ज्यादा बेरोजगारी और गरीबी है
⦁ सबसे ज्यादा पलायन बिहार में होता है
⦁ बिहार में महंगाई चरम पर है
⦁ कारखाने नहीं हैं, उद्योग नहीं हैं
⦁ पढ़ाई, दवाई, कमाई… pic.twitter.com/ATmKhOP64W
गहलोत का मास्टरस्ट्रोक
महागठबंधन में RJD, कांग्रेस, CPI(ML), CPI, CPM, VIP और आईपी गुप्ता की इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) समेत सात दल शामिल हैं। लंबे समय से कांग्रेस तेजस्वी यादव के नाम पर संशय जता रही थी, जिससे सीट शेयरिंग अटकी हुई थी और गठबंधन की किरकिरी हो रही थी। इस गतिरोध को तोड़ने के लिए कांग्रेस ने अनुभवी नेता अशोक गहलोत को पटना भेजा। गहलोत ने 24 घंटे के भीतर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी के साथ बंद कमरे में बातचीत कर सारे पेंच सुलझा दिए।
जब से BJP ने हमारी पार्टी को तोड़ा, विधायकों को खरीदा और हमारे साथ धोखा किया।
— Congress (@INCIndia) October 23, 2025
तभी से हमने मां गंगा का जल लेकर संकल्प ले लिया था कि जब तक BJP को तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।
हम मजबूती के साथ महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे, बिहार में सरकार बनाएंगे और BJP को यहां से… pic.twitter.com/zx9vjcBMqU
प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा करते हुए गहलोत ने कहा-
"तेजस्वी यादव ही CM चेहरा होंगे और मुकेश सहनी डिप्टी CM। महागठबंधन की सरकार बनी तो दूसरे समाज के लोगों को भी डिप्टी CM बनाया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि RJD का फॉर्मूला कांग्रेस को मान्य कराने में सफलता मिली है।
RJD का सियासी दांव
महागठबंधन के भीतर तेजस्वी के नाम पर कांग्रेस का विरोध था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और अन्य नेताओं ने हाईकमान को समझाया था कि तेजस्वी के नाम से गैर-यादव OBC, दलित और सवर्ण वोट नहीं मिलेंगे। इसके बावजूद, RJD ने वामपंथी दलों और मुकेश सहनी (जो 12-15 सीटें और डिप्टी CM पद मांग रहे थे) को अपने साथ मजबूती से जोड़े रखा। मुकेश सहनी ने इस ऐलान के बाद कहा कि वह खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन महागठबंधन के लिए 243 सीटों पर प्रचार करेंगे।
यह भी पढ़ें: कांग्रेस ने डाले हथियार!, तेजस्वी को बनाया CM फेस, साहनी होंगे डिप्टी सीएम
32% वोट बैंक पर बैटिंग
तेजस्वी के नाम की घोषणा महागठबंधन की एक स्पष्ट रणनीति को दर्शाती है: 14% यादव और 18% मुस्लिम वोट बैंक (कुल 32%) को एकजुट करना। गठबंधन की रणनीति NDA की केंद्र की ‘कैश ट्रांसफर’ योजनाओं का जवाब जाति कार्ड और सामाजिक न्याय के मुद्दे से देना है। कांग्रेस को भी यह एहसास हुआ कि NDA की योजनाओं को काउंटर करने के लिए तेजस्वी का चेहरा आवश्यक है।
| सामाजिक समीकरण | वोट शेयर अनुमान | स्थिति |
| यादव | 14% | एकजुटता की उम्मीद |
| मुस्लिम | 18% | एकजुटता की उम्मीद |
| कुल शुरुआती आधार | 32% | चुनाव की शुरुआत |
| OBC/दलित/सवर्ण (अन्य) | विस्तार संभावित |
सियासी जानकारों का मत
सियासी जानकारों का मानना है कि अशोक गहलोत के हस्तक्षेप और ऐलान ने RJD को मजबूती दी है और महागठबंधन अब एकजुट होकर चुनावी रिंग में उतरने के लिए तैयार है। अब बिहार की सियासत में सीधा मुकाबला तेजस्वी (महागठबंधन) बनाम नीतीश कुमार (NDA) होने जा रहा है। महागठबंधन ने दावा किया है कि सीट बंटवारा जल्द ही पूरा होगा और साझा घोषणा पत्र जारी किया जाएगा।



