दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली विश्वविद्यालय के समीप स्थित उत्तरी रिज क्षेत्र के बोंटा पार्क का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद नागरिकों और मॉर्निंग वॉक करने वालों से मुलाकात कर एक ‘फिट और हरित दिल्ली’ के निर्माण में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया।
लोगो से किया संवाद
तरनजीत सिंह संधू ने शनिवार सुबह कमला नेहरू रिज स्थित बोंटा पार्क का दौरा कर फिटनेस प्रेमियों, वरिष्ठ नागरिकों, सामुदायिक संगठनों और स्थानीय निवासियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्वस्थ, स्वच्छ और हरित दिल्ली के निर्माण में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
फिट इंडिया मूवमेंट का किया जिक्र
उपराज्यपाल ने कहा कि स्वस्थ नागरिक, जीवंत सार्वजनिक स्थल और मजबूत हरित पारिस्थितिकी तंत्र विकसित दिल्ली की आधारशिला हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि फिट व्यक्ति ही फिट समाज और फिट राष्ट्र की नींव रखते हैं।
बोंटा पार्क में उपराज्यपाल का स्वागत योग समूह के सदस्यों ने सामूहिक ‘लाफ्टर योग’ सत्र के माध्यम से किया। इसके बाद उन्होंने पार्क में मौजूद विभिन्न खेल और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।
व्यवस्थाओं को ठीक करने के दिए निर्देश
करीब 4,000 लोगों की दैनिक आवाजाही वाले इस पार्क में नागरिकों ने पार्क की सीमाओं की मरम्मत, प्रवेश द्वारों के सुधार, पेयजल सुविधाओं, वर्षा आश्रयों और आसपास के क्षेत्रों की सफाई जैसे मुद्दे उठाए। उपराज्यपाल ने दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। दौरे के दौरान डीडीए अधिकारियों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने उन्हें रिज क्षेत्र के संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए चल रही परियोजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में विशेष जैव विविधता क्षेत्र विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय वनस्पतियों और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी तथा पर्यावरणीय गुणवत्ता में सुधार होगा।
उपराज्यपाल ने पार्क में उपलब्ध ओपन एयर जिम, योग एवं ध्यान स्थल तथा अन्य मनोरंजक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों का विकास और संरक्षण केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा, यह आपका पार्क है। दिल्ली हम सभी की है और इसके विकास तथा रखरखाव की जिम्मेदारी भी हम सभी की है।
साझा किया किस्सा
उपराज्यपाल ने अपने विश्वविद्यालय जीवन (1979-1982) की यादें साझा करते हुए दिल्ली में पिछले चार दशकों के दौरान हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरी विकास के बीच पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्रों को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
गौरतलब है कि डीडीए ने हाल ही में राजधानी के कई पार्कों, जैव विविधता क्षेत्रों और विरासत स्थलों में सुबह 10 बजे तक प्रवेश शुल्क माफ किया है, ताकि अधिक से अधिक लोग फिटनेस, सैर और अन्य बाहरी गतिविधियों में भाग ले सकें।
उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और भविष्य के लिए तैयार राजधानी बनाने के लिए हरित परिसंपत्तियों और सार्वजनिक स्थलों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।



