गंगा के उफान से इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध टूटा

भागलपुर के नवगछिया में भीषण कटाव से तटबंध की सुरक्षा पर संकट खड़ा हो गया है। पिछले महीने 6 करोड़ की लागत से बोल्डर क्रेटिंग का कार्य कराया गया था।

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भागलपुर: भागलपुर के नवगछिया में जल संसाधन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां नवगछिया अनुमंडल के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर स्पर संख्या नौ में गंगा नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद रविवार की देर रात भीषण कटाव हुआ है। इस कटाव के कारण इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जल संसाधन विभाग को जब सूचना मिली विभाग मे हड़कंप मच गया।
दरअसल, इस्माइलपुर बिंद टोली तटबंध के स्पर संख्या 9 का लगभग 70 मीटर गंगा में समा गया। इस हिस्से पर पिछले ही महीने 6 करोड़ की लागत से बोल्डर क्रेटिंग का कार्य कराया गया था। घटना से विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वह इसलिए कि जिस बोल्डर क्रेटिंग पर लोगों को भरोसा था। वह गंगा का घटना जलस्तर नहीं झेल सका। 
इसी तटबंध का एक बड़ा हिस्सा पिछले साल भी ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद लाखों की आबादी विस्थापित होने के लिए मजबूर होना पड़ा था। उस हिस्से में भी 34 करोड़ से कार्य कराया गया था। उसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि बांध टूटने की खबर पर मुख्य अभियंता, कनिष्क अभियंता रविंद्र कुमार और सहायक अभियंता अमितेश कुमार, कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार मौके पर पहुंचकर निरीक्षण के बाद कटाव रोकने के प्रयास में जुट गए हैं।

भ्रष्टाचार के स्थानीय निवासी लगा रहे आरोप
स्थानीय ग्रामीण अखिलेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि हम लोगों जब यहां काम चल रहा था, तभी बताया था कि काम को ठीक तरह से करें जहां पानी का तेज बहाव और मुख्य कटाव का क्षेत्र है। वहां पर बोल्डर पिचिंग करें। साथ ही यह भी बताया था कि जब पानी का बहाव कम होगा और डाउनस्ट्रीम में कहां कटाव होगा। लेकिन हमारी बातों को नहीं सुना और आज देखिए कटाव हो गया। 
जिला परिषद सदस्य बिपिन मंडल ने बताया कि भ्रष्टाचार तो ऊपर से नीचे तक फैला हुआ है। काम के लिए वर्क आर्डर फरवरी मार्च महीने में मिलता है। एक महीने में क्या काम हो पाएगा। इस बांध पर बहुत खर्च किया जा चुका है। अभी तो जलस्तर ऊपर नीचे होते रहेगा। रात में जब सूचना मिली थी तो मौके पर पहुंच कर देखा तो 200 से 300 फुट तक कटाव था।

जल विभाग का बयान
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने बताया कि यह स्पर कल रात में करीब 7:30 बजे अचानक टूट गया। जबकि कल शाम 6 बजे तक हम लोगों ने निरीक्षण किया था। टूटने की सूचना मिलने पर हमलोग मौके पर पहुंचकर फ्लड फाइटिंग के तहत तत्काल एनसी बॉडी गिराने का निर्देश दिया। हालांकि, रात में कार्य करने में कठिनाई आ रही थी। डाउनस्ट्रीम में अंडरमाइनिंग हुई। इसके कारण यह कट गया। फिलहाल कटाव को रोक लिया है। अभी तक कोई बड़ा नुकसान होता नहीं दिख रहा है क्योंकि हमारे तटबंध का सबसे अंतिम हिस्सा था यहां से कहलगांव की ओर पानी का बहाव होता है तो ज्यादा नुकसान नहीं दिखाई दे रहा है।

तटबंध की मरम्मत करने जाते राहत व बचाव कर्मी

30 जून का पूरा हुआ काम
मालूम हो कि एभरग्रीन कंपनी द्वारा स्पर संख्या नौ में 145 मीटर बोल्डर क्रेटिंग का कार्य छह करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया था, जो 30 जून तक पूरा हुआ था। लेकिन गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण यह कार्य मात्र 27 दिनों में ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जल संसाधन विभाग की क्वालिटी कंट्रोल टीम केवल खानापूर्ति करती है, जिससे ठेकेदार घटिया कार्य कर सरकारी धन का दुरुपयोग करते हैं।

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