नई दिल्ली। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत विशेष सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को बकरी, भेड़ और सुअर पालन के लिए कुल परियोजना लागत का 90% तक अनुदान (सब्सिडी) दिया जाता है। लाभार्थी को केवल 10% राशि स्वयं निवेश करनी होती है।
सब्सिडी का अनुपात
कुल परियोजना लागत का 90% सरकार अनुदान के रूप में देती है।
लाभार्थी को केवल 10% राशि अपने स्तर से निवेश करनी होती है।
बकरी एवं भेड़ पालन पर सहायता
योजना के तहत महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को 10 से 20 मादा तथा 1 नर बकरी/भेड़ की यूनिट स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता मिलती है।
उदाहरण
यदि 10 मादा और 1 नर बकरी की एक यूनिट की कुल लागत 66,000 रुपये है, तो लगभग 59,400 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। ऐसे में लाभार्थी को केवल 6,600 रुपये का योगदान करना होगा।
सुअर पालन पर भी मिलेगा अनुदान
सुअर पालन के लिए भी सरकार अनुदान उपलब्ध कराती है। इसके तहत 1 नर और 3 मादा (या निर्धारित मानकों के अनुसार अधिक) की यूनिट स्थापित करने पर सहायता दी जाती है।
कुछ राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश, में सुअर पालन की एक यूनिट की लागत 21,000 रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार सब्सिडी का लाभ मिलता है।
किन महिलाओं को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से
ग्रामीण महिलाओं
अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं
महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs)
को दिया जाता है। पात्र महिलाएं व्यक्तिगत रूप से या स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड
निवास प्रमाण पत्र
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
बैंक पासबुक
पासपोर्ट साइज फोटो
आवश्यक होने पर परियोजना (प्रोजेक्ट) रिपोर्ट
आवेदन कैसे करें?
- अपने विकास खंड (ब्लॉक) स्तर के पशु चिकित्सा अधिकारी या जिला पशुपालन विभाग से संपर्क करें।
- सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।
- यदि प्रोजेक्ट रिपोर्ट की आवश्यकता हो, तो इसे तैयार कराने में पशुपालन विभाग के अधिकारी सहायता करेंगे।
- इसके अलावा, राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर “Apply Loan under NLM” या Apply Subsidy under NLM विकल्प के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
- आवेदन जमा होने के बाद State Implementing Agency (SIA) द्वारा उसकी जांच की जाती है।
- बैंक से ऋण स्वीकृत होने और State Level Executive Committee (SLEC) की अनुशंसा के बाद पात्र लाभार्थी को अनुदान जारी किया जाता है। योजना का लाभ राज्यवार नियमों, पात्रता और उपलब्ध बजट के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। आवेदन करने से पहले अपने जिले के पशुपालन विभाग से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।



