कमर्शियल गाड़ियों के लिए दिल्ली में ‘नया सफ़र’, पुरानी को बदलने पर मिलेंगे बंपर इंसेंटिव

दिल्ली सरकार ने एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से बदलने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ‘नया सफर योजना’ लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Share This Article:

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से बदलने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ‘नया सफर योजना’ लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के तहत अधिक प्रदूषण फैलाने वाले बीएस-4 और उससे पुराने व्यावसायिक वाहनों की जगह बीएस-6 मानकों वाले अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा।

परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य राजधानी में स्वच्छ व्यावसायिक परिवहन को बढ़ावा देना, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और परिवहन संचालकों को अपने वाहन बेड़े का आधुनिकीकरण करने में सहायता देना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार नागरिकों को स्वच्छ हवा और बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

100 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट

योजना के तहत पात्र नए वाहनों पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट दी जाएगी। पात्र पुरानी इस्तेमाल की गई गाड़ियों की खरीद पर 10 वर्षों के लिए 50 प्रतिशत कर छूट, पंजीकरण शुल्क में छूट तथा स्क्रैप किए जाने वाले पात्र वाहनों के लिए सड़क कर और फिटनेस से संबंधित जुर्माने में भी राहत मिलेगी। ये लाभ केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाले प्रोत्साहनों, जैसे ब्याज में रियायत, ईंधन वाउचर अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन राशि तथा वाहन निर्माताओं द्वारा दी जाने वाली छूट के अतिरिक्त होंगे।

दिल्ली के निजी ट्रक और बस मालिकों को लाभ

दिल्ली सरकार के अनुसार, इस योजना से दिल्ली-एनसीआर के लगभग 2.07 लाख निजी ट्रक और बस मालिकों को लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों के माध्यम से पुराने व्यावसायिक वाहनों के वैज्ञानिक निस्तारण को भी बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली के लिए विशेष प्रावधानों के तहत योजना के माध्यम से खरीदे जाने वाले हल्के मालवाहक वाहन केवल इलेक्ट्रिक होंगे, जबकि बसों के लिए बीएस-6 सीएनजी अथवा इलेक्ट्रिक वाहन ही पात्र होंगे।

इतने का है बजट

योजना का कुल बजट 9,585 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) के माध्यम से केंद्र सरकार 5,041 करोड़ रुपये का योगदान देगी। पूरी योजना डिजिटल ‘नया सफर पोर्टल’ के जरिए संचालित होगी, जिससे पात्रता की वास्तविक समय में जांच, लाभ का स्वतः वितरण और योजना की निगरानी की जाएगी। योजना पात्र लाभार्थियों के लिए दो वर्ष तक खुली रहेगी।


परिवहन मंत्री ने कहा कि यह पहल स्वैच्छिक रूप से पुराने प्रदूषणकारी व्यावसायिक वाहनों को हटाकर आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल वाहनों को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रदूषण में कमी आने के साथ ही स्वच्छ परिवहन, पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को भी लाभ मिलेगा।

Pooja Thakur

pt37557@gmail.com

मीडिया की दुनिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय। वर्तमान में Newg India में बतौर कंटेंट राइटर और मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर काम कर रही हूं, जहां हर कहानी को एक नए नजरिए से पेश करने की कोशिश करती हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.