रोहिणी में DDA का बड़ा अभियान, दस हजार मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाई गई

उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू के निर्देशों पर रोहिणी के प्रमुख भूमिगत ट्रंक आउटफॉल ड्रेन की विशेष डी-सिल्टिंग (गाद हटाने) का कार्य तेज़ी से पूरा किया है।

Share This Article:

नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू के निर्देशों पर रोहिणी के प्रमुख भूमिगत ट्रंक आउटफॉल ड्रेन की विशेष डी-सिल्टिंग (गाद हटाने) का कार्य तेज़ी से पूरा किया है। इस अभियान के तहत अब तक 10,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद और कचरा हटाया जा चुका है, जिससे ड्रेनेज सिस्टम की जल निकासी क्षमता को फिर से बहाल किया जा रहा है।

भूमिगत ड्रेन की सफाई

यह परियोजना 4.095 किलोमीटर लंबे ट्रंक आउटफॉल ड्रेन पर चल रही है, जिसमें 2200 मिमी व्यास की 3 से 5 समानांतर पाइपलाइनें शामिल हैं। इन पाइपों की कुल भूमिगत लंबाई लगभग 16.50 किलोमीटर है तथा पूरे नेटवर्क में 75 निरीक्षण कक्ष बने हुए हैं।

आधुनिक तकनीक से हुई सफाई

लगातार गाद जमा होने और अपशिष्ट जल के प्रवाह के कारण पाइपलाइनें बुरी तरह जाम हो गई थीं, जिससे उनकी जल निकासी क्षमता काफी कम हो गई थी। पारंपरिक तरीकों से सफाई संभव नहीं होने पर DDA ने हाई-कैपेसिटी सुपर सकरऔर हाई-प्रेशर जेटिंग मशीनों का उपयोग किया। उच्च दबाव वाले पानी से जमी हुई गाद को ढीला किया गया और फिर शक्तिशाली वैक्यूम सक्शन मशीनों की मदद से बाहर निकाला गया। पूरा कार्य चरणबद्ध तरीके से और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए किया गया।

इन इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ

यह ट्रंक आउटफॉल ड्रेन रोहिणी के सेक्टर-20, 21, 22 और 23 के साथ-साथ किराड़ी और बेगमपुर के कुछ हिस्सों का वर्षा जल और अन्य जल निकासी का प्रमुख माध्यम है।

इस अभियान के पूरा होने के बाद

मानसून के दौरान वर्षा जल की निकासी बेहतर होगी।
जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।
रोहिणी और आसपास के क्षेत्रों की ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत होगी।

मिशन मोड में चल रहा डी-सिल्टिंग अभियान

DDA ने बताया कि ईस्ट, साउथ और नॉर्थ ज़ोन में स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की डी-सिल्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि नरेला रोहिणी और द्वारका जोन में अंतिम चरण का कार्य जारी है।बेहतर निगरानी और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए दिल्ली को छह परिचालन ज़ोन—ईस्ट, साउथ, नॉर्थ, नरेला, रोहिणी और द्वारका-में विभाजित किया गया है।

इस साल 70% अधिक गाद हटाई गई

DDA के अनुसार, पिछले वर्ष प्री-मानसून अभियान के दौरान लगभग 33,380 मीट्रिक टन गाद हटाई गई थी। वहीं इस वर्ष अब तक 57,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाई जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाती है।DDA का कहना है कि यह अभियान दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Shivangi Shukla

Shivangi.shukla95512@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.