भारतीय गाड़ियां सीमापार गिरवी, जानिए ऐसा कैसे हुआ 

नशे में खर्च का होश नहीं बचता। जेब खाली तो मोबाइल, बाइक या जो भी है, वही गिरवी। अपने देश में ही नहीं, नशेडी सीमापार कर नेपाल में भी यही कर रहे हैं। जानिए कैसे?

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पटना: नेपाल के कैसिनो और बार में भारतीयों की कार, बाइक और फोन गिरवी रखे जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। खासकर बिहार-नेपाल सीमा क्षेत्रों जैसे जोगबनी, विराटनगर, धरान और मोरंग में। यह समस्याएं मुख्य रूप से शराब के नशे और जुए की लत के कारण होती हैं। लोग नशे में खर्च का हिसाब नहीं रख पाते और बिल चुकाने के लिए उनके पास पैसे नहीं होते। इससे कैसिनो संचालक उनका सामान गिरवी रख लेते हैं। जोगबनी थाने में रोजाना 5-10 ऐसी शिकायतें आ रही हैं।

सामान छुड़ाने की प्रक्रिया भी जटिल है। इसके लिए न केवल बकाया बिल चुकाना पड़ता है, बल्कि नेपाल में गाड़ी लंबे समय तक रखने पर सीमा शुल्क जुर्माना भी देना पड़ता है, जो कई लोगों के लिए मुश्किल होता है। उदाहरण के तौर पर, भागलपुर के एक रेलवे कर्मी ने बताया कि उनके बेटे ने नेपाल में कार गिरवी रख दी, और पूर्णिया के गुलाबबाग निवासी ने कहा कि उनके बेटे ने कार और मोबाइल दुहबी में गिरवी रखा। पुलिस जांच करती है, लेकिन नेपाल से सामान वापस लाना आसान नहीं है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कैसिनो का हब होने और आसान पहुंच के कारण यह समस्या बढ़ रही है।

रोजाना पांच से दस शिकायतें होती है दर्ज 
नेपाली बार और कैसीनो में जुआ और शराब के नशे के चक्कर में सीमावर्ती इलाकों के सैकड़ों भारतीयों की गाडिय़ां, मोबाइल फोन व अन्य कीमती सामान गिरवी रखे गए हैं। जोगबनी थाने में रोजाना पांच से दस शिकायतें दर्ज होती है। जिनमें लोग गिरवी रखे सामान को छुड़ाने के लिए मदद मांग रहे हैं। इस तरह की समस्या कोसी-सीमांचल के अलावा आसपास के दस जिलों के लोगों के नेपाल में जाकर नशे के सेवन करने और कैसिनो में जुआ खेलने के कारण बढ़ रही है ।

नशे में धुत लोग खर्च का हिसाब नहीं रख पाते
नशे की हालत में लोग खर्च का हिसाब नहीं रख पाते और जब बिल चुकाने की बारी आती है तो उनके पास पैसे नहीं बचते हैं। ऐसे में बार और कैसीनो के संचालक उनके सामान को गिरवी रख लेते हैं। जोगबनी से सटे नेपाल के विराटनगर, धरान और मोरंग जैसे शहरों में जाना बहुत आसान होता है। इसी वजह से बड़ी संख्या में सीमावर्ती इलाकों के लोग खासकर शनिवार और रविवार को मनोरंजन के लिए नेपाल जाते हैं। 

समान को छुड़ा कर लाना भी होती है चुनौती
नेपाल में गिरवी रखे गए सामान को वापस लाना एक और बड़ी चुनौती होती है। इन सामानों को छुड़ाने के लिए न केवल बार या कैसीनो का बकाया बिल चुकाना पड़ता है। बल्कि नेपाल में लंबे समय तक गाड़ी रखने पर लगने वाला (भंसार) जुर्माना भी देना पड़ता है। नेपाल के नियमों के अनुसार अगर कोई गाड़ी बिना अनुमति के एक निश्चित समय से ज्यादा वहां रहती है तो उस पर भारी जुर्माना लगता है। यह जुर्माना चुकाना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है।

नेपाली पुलिस को भी मिलती है प्रतिदिन शिकायतें 
विराटनगर के थानाध्यक्ष के अनुसार, शनिवार और रविवार को उन लोगों को काफी अलर्ट मोड में रहना पड़ता है। बार और कैसीनो में रात के समय मारपीट और झगड़ा होने की शिकायत आती है। भारतीय क्षेत्र से बार और कैसीनो में भारी संख्या में लोग आते हैं। अक्सर शराब के नशे में मारपीट की भी घटना को अंजाम देते हैं। वह कहते हैं कि कई भारतीय अक्सर आकर शिकायत करते हैं कि बकाया भुगतान नहीं चुकाने पर उनकी गाड़ी और सामान को गिरवी रख लिया है।

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