विस में फांसीघर था या नहीं, साक्ष्यों पर चर्चा होगी आज

दिल्ली विधान सभा परिसर में कथित फांसीघर पर विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। मंगलवार के बाद आज दूसरे दिन बुधवार को भी इस पर चर्चा होगी।

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नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन यानी बुधवार विधानसभा परिसर में स्थित कथित ‘फांसी घर’ पर चर्चा होगी। विधान सभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने वह साक्ष्य मांगे हैं, जिनके आधार पर इसे फांसीघर घोषित किया गया। इसके आधार पर सत्ता पक्ष व विपक्ष मंगलवार से शुरू हुई चर्चा को आगे बढ़ाएगा।
इससे पहले मंगलवार इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तब तीखी बहस हुई, जब विजेंद्र गुप्ता ने सदन को बताया कि वर्ष 2022 में विधानसभा परिसर में जीर्णोद्धार के बाद जिसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा बड़े धूमधाम से किया गया था। वह तथाकथित ब्रिटिशकालीन ‘फांसीघर’ वास्तव में एक ‘टिफिन रूम’ था। गुप्ता ने उस नक्शे का हवाला दिया, जब दिल्ली विधानसभा भवन का निर्माण हुआ था और कहा कि विधानसभा परिसर से लालकिले तक सुरंग होने का दावा भी गलत है।
भाजपा ने सदन को ‘गुमराह’ करने के लिए आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल से माफी की मांग की, जबकि आप विधायकों ने मुद्दा ऐसे समय उठाने पर विधानसभा अध्यक्ष से सवाल किया जब राष्ट्रीय राजधानी कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गरमागरम बहस हुई और ब्रिटिश संसद के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी इस शोरगुल भरे दृश्य को देखा।
गुप्ता ने कहा कि मानचित्र से यह भी पता चलता है कि वर्तमान अध्यक्ष का कक्ष पहले सदस्यों का पुस्तकालय था और उपाध्यक्ष का कक्ष ब्रिटिश शासन के दौरान वायसराय का कक्ष था। नक्शे में पुराने समय में एक धूम्रपान कक्ष की मौजूदगी का भी संकेत मिलता है। उन्होंने 9 अगस्त 2022 को टिफिन रूम का ‘फांसीघर’ के रूप में उद्घाटन करने के लिए पिछली आप सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा, इतिहासकारों के साथ एक बैठक भी हुई, जिसमें बताया गया कि तथाकथित फांसीघर और उससे जुड़ी संरचना वास्तव में एक टिफिन रूम और एक लिफ्ट थी। हमें उपलब्ध कराये गए राष्ट्रीय अभिलेखागार के दस्तावेजों से भी यह बात साबित हुई है।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विधानसभा से लालकिले तक सुरंग होने का दावा भी गलत है। इतिहासकारों का कहना है कि पुराने समय में ऐसी इमारतों में भूमिगत वेंटिलेशन डक्ट होते थे। पुराने संसद भवन में भी ऐसी जगह है। भाजपा के मुख्य सचेतक अभय वर्मा ने कहा कि तथाकथित ‘फांसीघर’ वास्तव में एक रस्सी से चलने वाली लिफ्ट प्रणाली थी जो ‘टिफिन रूम’ के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले एक कक्ष से जुड़ी थी। भाजपा विधायकों ने मांग की कि आप प्रमुख एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ‘झूठे दावों’ से लोगों को ‘गुमराह’ करने और इतिहास को ‘तोड़-मरोडक़र’ पेश करने के लिए माफी मांगें।

आप सदस्यों से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा
आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा इतिहास को ‘तोड़-मरोडक़र’ पेश करने की कोशिश कर रही है और विधानसभा परिसर में फांसीघर की मौजूदगी के दावे का बचाव करने के लिए चैटजीपीटी का हवाला दिया। इस विषय पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने इस मुद्दे को उठाने की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के लोगों के सामने कई गंभीर समस्याएं हैं जिन पर सदन का ध्यान देने की आवश्यकता है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ने विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन किया

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