दिल्ली। कागज से डिजिटल सिस्टम की ओर बढ़ते हुए दिल्ली सरकार ने ई-ऑफिस व्यवस्था के जरिए अपने प्रशासनिक कामकाज में बड़ा बदलाव किया है। सरकार का कहना है कि इस डिजिटल प्रणाली से सरकारी फाइलों का निपटारा पहले से कहीं ज्यादा तेज और पारदर्शी हो गया है।
ऑनलाइन प्रणाली से जुड़े कार्यालय
अब तक 235 से अधिक विभागों और कार्यालयों को इस ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा जा चुका है। इनमें करीब 15,748 अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल माध्यम से फाइलों पर काम कर रहे हैं। मौजूदा समय में लगभग तीन-चौथाई विभाग नियमित रूप से ई-ऑफिस का उपयोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस व्यवस्था से फाइलों की स्थिति पर नजर रखना आसान हुआ है और निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज हुई है। अब यह तुरंत पता लगाया जा सकता है कि कोई फाइल किस स्तर पर अटकी है और उस पर क्या कार्रवाई की गई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच 1.4 लाख से ज्यादा ई-फाइलें और करीब 9.2 लाख ई-रसीदें प्रोसेस की गई हैं। इसके अलावा, 132 विभागों में से 120 विभाग इस सिस्टम का नियमित रूप से उपयोग कर रहे हैं। वहीं, सार्वजनिक उपक्रमों में इसका उपयोग लगभग 65.5 प्रतिशत और विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों में करीब 43.8 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार आने वाले समय में इस डिजिटल प्रणाली का दायरा और बढ़ाएगी, ताकि प्रशासनिक कामकाज और अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।



