भागलपुर जिले के सभी सातों विधानसभा सीटों का समीकरण

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भागलपुर: जिले की पांच विधानसभा सीटों पर दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है, जबकि दो सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिलेगा। कहलगांव और गोपालपुर विधानसभा में इस बार पूर्व विधायक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। इन दोनों सीटों पर मुकाबला सबसे रोमांचक होने वाला है। जिले की सातों विधानसभा सीटों पर जन सुराज पार्टी भी मजबूती से ताल ठोक रही है। कुल 82 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।

सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह मिल चुके हैं और अब प्रचार ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि बिहार का महापर्व छठ शुरू होने के कारण अगले तीन दिन चुनावी शोर कुछ धीमा रहेगा। इसके बाद प्रचार फिर से तेज होगा और 9 नवंबर तक चलेगा। 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना होगी।

भागलपुर विधानसभा : भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर

भागलपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के अजीत शर्मा और भाजपा के रोहित पांडेय के बीच कांटे की टक्कर है। दोनों ही प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। कांग्रेस जहां एम-वाई (मुस्लिम-यादव) और पचपौनिया वोटों के सहारे जीत का दावा कर रही है, वहीं भाजपा प्रत्याशी वैश्य, सवर्ण और पचपौनिया मतदाताओं के भरोसे मैदान में हैं।

2020 के चुनाव में भी यही मुकाबला हुआ था, जिसमें अजीत शर्मा ने रोहित पांडेय को मात्र 1130 मतों से हराया था। इस बार जन सुराज पार्टी से अभय कांत झा भी चुनाव लड़ रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी की रेखा दास समेत कुल 12 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस बार शतरंज की तरह सधी हुई रणनीति के साथ लड़ाई में उतरे हैं।

पीरपैंती विधानसभा : भाजपा और राजद में सीधी भिड़ंत

पीरपैंती विधानसभा सीट पर भाजपा और राजद के बीच सीधा मुकाबला है। भाजपा ने वर्तमान विधायक ललन कुमार का टिकट काटकर मुरारी पासवान को उम्मीदवार बनाया है, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। वे लंबे समय से आरएसएस से जुड़े रहे हैं।
राजद ने एक बार फिर पुराने चेहरे राम विलास पासवान पर भरोसा जताया है। 2020 में भाजपा के ललन कुमार ने उन्हें हराया था, जबकि 2015 में राम विलास पासवान ने भाजपा के अमन पासवान को पराजित किया था।

जन सुराज पार्टी ने यहां घनश्याम को टिकट दिया है, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है। कुल 10 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस क्षेत्र में गंगोता और खरवार मतदाताओं की संख्या अधिक है; जो भी दल इन्हें साध लेगा, जीत उसकी होगी। रविदास, आदिवासी और सवर्ण मतदाता भी यहां जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

नाथनगर विधानसभा : राजद और एलजेपी (आर) में सीधी लड़ाई

नाथनगर विधानसभा सीट पर इस बार राजद और एलजेपी (रामविलास) के बीच मुकाबला है। दोनों पार्टियों ने अपने उम्मीदवार बदले हैं। एलजेपी (आर) ने भागलपुर जिला परिषद अध्यक्ष मिथुन कुमार को मैदान में उतारा है, जबकि राजद ने पूर्व प्रशासनिक अधिकारी शेख जियाउल हसन को टिकट दिया है।

  • 2020 में यह सीट राजद के खाते में गई थी। इस बार जन सुराज से अजय कुमार राय मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला राजद और एलजेपी (आर) के बीच ही माना जा रहा है।
  • राजद अपने पारंपरिक एम-वाई वोट बैंक के साथ सवर्ण मतदाताओं पर भी नजर रखे हुए है, वहीं एलजेपी (आर) यादव, दलित, गंगोता और सवर्ण मतदाताओं के सहारे नैया पार लगाने की कोशिश में है।
  • बहुजन समाज पार्टी से रविश चंद्र रवि कुशवाहा भी चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर कुल 15 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं।

सुल्तानगंज विधानसभा : जदयू, राजद और कांग्रेस में त्रिकोणीय मुकाबला

सुल्तानगंज विधानसभा से जदयू ने वर्तमान विधायक ललित नारायण मंडल पर भरोसा जताया है, जबकि कांग्रेस ने फिर से ललन कुमार को टिकट दिया है। वर्षों बाद राजद ने यहां से चंदन कुमार को उम्मीदवार बनाया है। जन सुराज ने राकेश कुमार को मैदान में उतारा है।

यहां मुकाबला त्रिकोणीय है। राजद और कांग्रेस एम-वाई व पचपौनिया मतदाताओं के सहारे हैं, जबकि जदयू प्रत्याशी जातीय, सवर्ण और दलित वोटरों के भरोसे हैं। जन सुराज भी मुकाबले को दिलचस्प बना रही है। कुल 12 प्रत्याशी मैदान में हैं। राजद और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी मैदान में होने से महागठबंधन वोटों में बिखराव की संभावना है, वहीं वर्तमान विधायक के प्रति नाराजगी चुनाव को और अनिश्चित बना रही है।

कहलगांव विधानसभा : वोटकटुओं की भरमार, त्रिकोणीय संघर्ष

कहलगांव विधानसभा क्षेत्र में जदयू से शुभानंद मुकेश उम्मीदवार हैं, जो पिछले चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे और भाजपा के पवन कुमार यादव से हार गए थे। इस बार कांग्रेस ने प्रवीण सिंह को टिकट दिया है, जबकि राजद ने रजनीश भारती को मैदान में उतारा है। जन सुराज ने मंजर आलम को प्रत्याशी बनाया है।

  • यहां मुकाबला त्रिकोणीय है। भाजपा के बागी पूर्व विधायक पवन कुमार यादव और जन सुराज के मंजर आलम मुकाबले को और दिलचस्प बना रहे हैं। कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं।
  • जदयू जातीय, सवर्ण और दलित वोटरों पर भरोसा कर रही है, जबकि कांग्रेस एम-वाई और जातीय समीकरणों के सहारे है। राजद भी अपने पारंपरिक एम-वाई वोट बैंक पर टिके हैं।
  • महागठबंधन के लिए यहां उलझन की स्थिति है क्योंकि राजद और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं एनडीए के लिए भी दुविधा है क्योंकि भाजपा से बागी पवन यादव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

बिहपुर विधानसभा : भाजपा और वीआईपी में सीधा मुकाबला

बिहपुर विधानसभा में भाजपा ने एक बार फिर कुमार शैलेंद्र पर भरोसा जताया है। 2020 में उन्होंने राजद के शैलेश कुमार को हराया था। बाद में शैलेश कुमार जदयू में शामिल हो गए और अब भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में सक्रिय हैं।
महागठबंधन की ओर से वीआईपी ने अर्पणा कुमारी को टिकट दिया है। इस बार राजद ने उम्मीदवार नहीं उतारा है। जन सुराज से पवन चौधरी मैदान में हैं।

मुख्य मुकाबला भाजपा और वीआईपी के बीच है। भाजपा सवर्ण, गंगोता और दलित वोटरों के सहारे है, जबकि वीआईपी एम-वाई, मल्लाह और गंगोता मतदाताओं पर भरोसा कर रही है। वीआईपी प्रत्याशी को जदयू के एक सांसद का समर्थन मिल रहा है। जन सुराज भी मुकाबले को दिलचस्प बना रही है। कुल 10 प्रत्याशी मैदान में हैं।
वीआईपी उम्मीदवार अर्पणा कुमारी पहले जदयू से जुड़ी थीं, लेकिन टिकट न मिलने पर वीआईपी में शामिल होकर मुकेश सहनी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।

गोपालपुर विधानसभा : जदयू और वीआईपी में मुख्य संघर्ष

गोपालपुर विधानसभा में जदयू ने विवादित वर्तमान विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल का टिकट काट दिया है। पार्टी ने पूर्व सांसद और बिहपुर के पूर्व विधायक शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, वीआईपी से प्रेम सागर उम्मीदवार हैं। राजद ने यहां प्रत्याशी नहीं उतारा है, इसलिए प्रेम सागर को महागठबंधन का साझा उम्मीदवार माना जा रहा है। जन सुराज से मंकेश्वर सिंह मैदान में हैं।

पूर्व विधायक गोपाल मंडल निर्दलीय उम्मीदवार हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। कुल 10 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
जदयू प्रत्याशी को गंगोता, सवर्ण, वैश्य और दलित वोटरों पर भरोसा है, जबकि वीआईपी एम-वाई और मल्लाह मतदाताओं पर निर्भर है। वहीं गोपाल मंडल गंगोता वोटरों में सेंध लगाने की कोशिश में जुटे हैं। मुख्य मुकाबला जदयू और वीआईपी के बीच ही है।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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