नई दिल्ली। चिन्मय मिशन ने यशोभूमि में आयोजित ‘दिल्ली गाओ जय हनुमान’ कार्यक्रम में दिल्ली का अब तक का सबसे बड़ा हनुमान चालीसा सामूहिक पाठ किया। इस आयोजन में 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और हनुमान भक्ति का अनुभव साझा किया।
संगीत और भक्ति का अद्भुत संगम
कार्यक्रम यशोभूमि के ब्रह्मकमल हॉल में आयोजित किया गया। हनुमान चालीसा का 14 बार पाठ किया गया, जिसे 11 अलग-अलग संगीतमय धुनों में प्रस्तुत किया गया। पाठ का नेतृत्व बर सोऽहं चैतन्य ने किया, जबकि संगीत श्रियंश मणि और उनकी टीम ने इसे प्रभावशाली ढंग से संगीतमय रूप में पेश किया।

छात्रों ने दिखाई कला और भक्ति की झलक
कार्यक्रम में चिन्मय विद्यालय, नई दिल्ली के छात्रों ने कला आराधना के तहत विशेष प्रस्तुति दी, जिसमें कला और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला।
पूज्य स्वामी स्वरूपानंद का संदेश
चिन्मय मिशन के ग्लोबल हेड पूज्य स्वामी स्वरूपानंद ने कहा, “हनुमान चालीसा आत्मसमर्पण और भक्ति के माध्यम से भीतर की शक्ति को जाग्रत करने का साधन है। जब हजारों लोग एक साझा भावना के साथ एकत्र होते हैं, तो उस ध्वनि की शक्ति रूपांतरणकारी बन जाती है।”

पहली बार दिल्ली में हनुमान मेला
कार्यक्रम के साथ ही दिल्ली में पहली बार हनुमान मेला का आयोजन भी किया गया। मेले में आध्यात्मिक पुस्तकें, सांस्कृतिक गतिविधियां, बच्चों के लिए विशेष ज़ोन और इच्छा पूरण हनुमान संकल्प वेदी रखी गई, जहां श्रद्धालुओं ने अपने संकल्प रखे।
चिन्मय अमृत महोत्सव का महत्व
चिन्मय अमृत महोत्सव (चिन्मय75) मिशन के 75 वर्षों की यात्रा को समर्पित है। इसके अंतर्गत 108 समष्टि श्री हनुमान चालीसा हवन, समष्टि गीता पाठ, और चिन्मय अमृत यात्रा – विज़डम ऑन व्हील्स जैसी पहलें आयोजित की जा रही हैं, जो लोगों को सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामूहिक अनुभव से जोड़ती हैं।



