लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद तक की उनकी यात्रा साधक से युग प्रवर्तक बनने की प्रेरक कथा है। उन्होंने युवाओं को ‘उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको’ के मंत्र को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस भारत की आवाज कभी दुनिया नहीं सुनती थी, आज उसी भारत के बिना वैश्विक मंच अधूरा है। यह भारत की युवा शक्ति का ही परिणाम है। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत 2047 के अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की।
स्वामी विवेकानंद ने भारत को आत्मबोध से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि औपनिवेशिक काल में जब भारत अपनी आत्मचेतना खोता जा रहा था, तब एक युवा संन्यासी के रूप में स्वामी विवेकानंद ने भारत को उसकी भारतीयता का बोध कराया। शिकागो की धर्मसभा में दिया गया उनका उद्बोधन आज भी भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है।
युवाओं और मंगल दलों से विशेष अपेक्षा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 युवाओं, तीन युवक मंगल दल और तीन महिला मंगल दल को राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इन पुरस्कारों में खेल, पर्यावरण और जल संरक्षण जैसे विषयों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से गांव-गांव खेल गतिविधियों को बढ़ाने, नशे के खिलाफ अभियान चलाने और टीम भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।
जल संरक्षण और पौधरोपण पर जोर
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि चेकडैम, अमृत सरोवर, पुराने कुओं और नदियों के पुनरुद्धार के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने जुलाई 2026 में प्रदेश भर में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य तय किए जाने की भी घोषणा की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाने की अपील की।
रोजगार और तकनीक से जुड़े युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मिशन रोजगार के तहत लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं और निवेश प्रस्तावों के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन हुआ है। उन्होंने युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में कौशल विकसित करने का आह्वान किया।
तकनीक के साथ नैतिकता भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक और प्रगति के साथ नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता भी आवश्यक है। युवा देश के वास्तविक शिल्पकार हैं और उनके मजबूत होने से ही भारत विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा।



