दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का पहला प्रशिक्षण सफल

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि उनकी सरकार ने आईआईटी-कानपुर के सहयोग से मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में क्लाउड सीडिंग का पहला परीक्षण किया तथा अगले कुछ दिनों में इस तरह के और परीक्षण किए जाने की योजना है।

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नई दिल्ली: प्रदूषण की मार झेल रही दिल्ली को राहत दिलाने के लिए क्लाउड सीडिंग से राहत देने का प्रयास सफल रहा। आइआइटी कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने दावा किया कि दिल्ली में कृत्रिम वर्षा कराने के लिए क्लाउड सीडिंग कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा। मेरठ और दिल्ली के बीच खेकड़ा व बुराड़ी क्षेत्र में 25 नाटिकल मील लंबे और चार नाटिकल मील चौड़ी पट्टी में दो बार की उड़ान के दौरान विमान से रसायनों के 14 फ्लेयर्स दागे गए। प्रो. अग्रवाल ने बताया कि तकनीकी तौर पर अभियान पूरी तरह सफल रहा है। हालांकि ट्रायल के कई घंटे बाद भी दिल्ली के किसी इलाके में बारिश की जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों का दावा था कि 15 मिनट से 4 घंटे के भीतर बारिश शुरू हो सकती है। लेकिन तीन-चार घंटे बाद भी आसमान साफ नजर आया।

ट्रायल सफल रहा

दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने बताया कि आज का ट्रायल सफल रहा तो अगले कुछ घंटों में कई इलाकों में बारिश हो सकती है। सिरसा ने कहा कि मेरठ से उड़े सेसना एयरक्राफ्ट ने दिल्ली के ऊपर बुराड़ी, खेकड़ा, सादिकपुर, मयूर विहार और करोल बाग जैसे इलाकों में क्लाउड सीडिंग की प्रक्रिया पूरी की है। इसमें आठ फ्लेयर छोड़े गए जो बादलों में नमी पैदा करने के लिए सिल्वर आयोडाइड का इस्तेमाल करते हैं। मौसम विभाग और IIT कानपुर की टीम का अनुमान है कि 15 मिनट से लेकर 4 घंटे के अंदर बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में

कई इलाकों में हवा की नमी 25 फीसदी से कम

IIT कानपुर की टीम के मुताबिक, क्लाउड सीडिंग के सबसे ज्यादा असर वाले क्षेत्र बुराड़ी, खेकड़ा, मयूर विहार, सादिकपुर, भोजपुर और उत्तरी करोल बाग हैं। इन इलाकों में हवा की नमी 25% से कम है, इसलिए अगर बारिश होती है तो वह कृत्रिम बारिश होगी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर हवा की दिशा उत्तर-पूर्व बनी रही, तो बारिश धीरे-धीरे पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच सकती है।

पहला ट्रालय आधे घंटे चला

सिरसा ने बताया कि पहला ट्रायल लगभग आधे घंटे तक चला, जिसमें हर फ्लेयर करीब ढाई मिनट तक सक्रिय रहा। सिरसा ने दावा कि 15 मिनट से 4 घंटे के भीतर बारिश कभी भी हो सकती है। दूसरा और तीसरा ट्रायल भी आज ही किया जाएगा। ताकि अलग-अलग नमी स्तरों पर बारिश की संभावना का अध्ययन किया जा सके। सिरसा ने कहा, अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो हम इसे लगातार करेंगे ताकि दिल्ली की हवा को साफ किया जा सके। यह भारत में पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक तकनीक से कृत्रिम बारिश कराने की कोशिश की जा रही है।

आप ने कहा कृत्रिम बारिश के नाम पर फर्जीवाड़ा

क्लाउड सीडिंग के कई घंटे बाद भी बारिश नहीं होने पर आम आदमी पार्टी ने रेखा सरकार पर निशाना साधा है। आप ने इसे कृत्रिम बारश के नाम पर फर्जीवाड़ा बताया। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दिल्ली सरकार के इस ट्रायल पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा बारिश में भी फर्जीवाड़ा। कृत्रिम वर्षा का कोई नामुनिशान नहीं दिख रहा है। इन्होंने सोचा होगा इंद्र देवता करेंगे वर्षा । सरकार दिखाएगी खर्चा। भारद्वाज ने कहा इंद्र देवता भी सरकार का साथ नहीं दे रहे। कल शाम को थोड़ी बहुत बारिश हो भी रही थी लेकि न अब तो जो थोड़े बहुत बादल दिख रहे थे, वो भी चले गए।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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