पटना: बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। इस बीच एनडीए के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग को अंतिम रूप देने की कोशिश जारी है। हालांकि, भाजपा की चिंता चिराग पासवान ने बढ़ा रखी है। सूत्रों के मुताबिक, बाकी सभी घटक दलों के साथ सीट बंटवारे पर लगभग सहमति बन चुकी है, लेकिन लोजपा (रामविलास) के साथ बातचीत अभी भी चल रही है। इस बात की पुष्टि खुद चिराग पासवान ने भी की है और सीट शेयरिंग को लेकर उन्होंने किसी भी तरह का बयान देने से इनकार किया।
पापा हमेशा कहा करते थे —
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) October 8, 2025
"जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत।
जीना है तो मरना सीखो,
कदम-कदम पर लड़ना सीखो।"#ramvilaspaswan pic.twitter.com/9kcc2VswAo
वहीं, आज अपने पिता रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर याद करते हुए उन्होंने ऐसे विचार साझा किए हैं, जो भाजपा-जेडीयू के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। पिछले चुनाव में लोजपा को सम्मानजनक सीट नहीं मिलने के कारण पार्टी एनडीए से अलग हो गई थी, जिसका खामियाजा जेडीयू को भुगतना पड़ा था।
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चिराग पासवान ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि पापा हमेशा कहते थे – “जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत। जीना है तो मरना सीखो, कदम-कदम पर लड़ना सीखो।” उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा कि वे अपने पिता के दिखाए मार्ग और विजन “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के समग्र विकास और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कारवां को आगे बढ़ाना उनका जीवन उद्देश्य और कर्तव्य है। चिराग ने यह भी जोर दिया कि आगामी चुनाव हर बिहारी के सपनों को साकार करने और उनके पिता के संकल्प को पूरा करने का अवसर है, और उनके पिता का आशीर्वाद, प्रेरणा और आदर्श हमेशा उनके मार्गदर्शक बने रहेंगे।



