नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में रविवार को हुए परीक्षण में दो पेंटेड स्टॉर्क और दो ब्लैक-नेक्ड आइबिस के नमूने एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के लिए पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा तीन पेंटेड स्टॉर्क और एक ब्लैक-नेक्ड आइबिस को उपचार के लिए बाड़े से अलग कर निगरानी में रखा गया है। अब तक जल पक्षी बाड़े में छह पेंटेड स्टॉर्क, दो ब्लैक-नेक्ड आइबिस और चार अन्य प्रवासी पक्षियों की मृत्यु हो चुकी है। चिडिय़ाघर प्रशासन की ओर से एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रसार को रोकने के लिए गहन निगरानी और सख्त जैव-सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। रविवार जल पक्षी बाड़े में किसी भी पक्षी या प्रवासी पक्षी की मृत्यु नहीं हुई। प्रशासन ने कर्मचारियों को सुरक्षात्मक उपकरण मुहैया कराए हैं।
निगरानी दल दिन में दो बार गश्त कर रहा
चिडिय़ाघर प्रशासन ने बताया कि निगरानी दल दिन में दो बार गश्त कर रहा है। रविवार को पक्षी बाड़े या प्रवासी पक्षियों में किसी प्रकार के संक्रमण और मौत की कोई सूचना नहीं है। पक्षी बाड़े, जलाशयों और प्रवासी पक्षियों के चरागाह क्षेत्र की सफाई और कीटाणुशोधन का काम रविवार को भी जारी रहा। पक्षियों के स्वास्थ्य और व्यवहार पर कड़ी नजर रखने के साथ ही सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी की जा रही है।
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संक्रमित पक्षियों को इलाज के लिए अलग रखा गया
चिडियाघर प्रशासन ने बताया कि तीन पेंटेड स्टॉर्क और एक ब्लैक नेक्ड आइबिस को इलाज के लिए अलग रखा गया है। अब तक छह पेंटेड स्टॉर्क और दो ब्लैक नेक्ड आइबिस की मौत जल पक्षी बाड़े में हो चुकी है, जबकि चार पेंटेड स्टॉर्क की मौत तालाबों में हुई है।
इनमें से दो पेंटेड स्टॉर्क और दो आइबिस के नमूने एच5-एन1 वायरस से संक्रमित पाए गए। चिडिय़ाघर के निदेशक संजीत कुमार ने बताया कि सभी कर्मचारियों को दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक सूट और शू-कवर उपलब्ध कराए गए हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी सावधानी बरती जा रही है।



