नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल द्वारा लिखित कॉफी-टेबल पुस्तक “अटल बिहारी वाजपेयी : द इटरनल स्टैट्समैन” का विमोचन 21 फ़रवरी को डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में होगा। इसका विमोचन भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन करेंगे।
राजनीतिक हस्तियों का लगेगा जमावड़ा
इस संबंध में जानकारी देते हुए विजय गोयल ने बताया कि विमोचन समारोह में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू , जुएल ओराम समेत राजनीतिक जगत के अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। गोयल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि वे भारतीय राजनीति की नैतिक शक्ति थे। ऐसे कवि जिन्होंने सत्ता को मानवीय संवेदना दी और ऐसे लोकतांत्रिक नेता जिन्होंने संस्थाओं को सुदृढ़ किया।
पुस्तक में दुर्लभ तस्वीरें
पुस्तक के बारे में उन्होंने बताया कि चार वर्षों के लगातार प्रयास से उन्होंने अटल वाजपेयी की दुर्लभ तस्वीरें और व्यक्तिगत स्मृतियां संग्रहित की हैं, जिनका संकलन इस पुस्तक में किया गया है। इसके माध्यम से अटल के सार्वजनिक जीवन के प्रारंभिक दिनों से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल तक की संपूर्ण यात्रा को संजोया गया है।
पांच दशकों तक रहा संबंध
गोयल ने कहा कि अटल वाजपेयी से उनका संबंध लगभग पांच दशकों तक रहा, जो केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि मार्गदर्शन, विश्वास और साझा संकल्प पर आधारित था। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया कि उन्हें अटल मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि अटल वाजपेयी के अटूट विश्वास ने ही उन्हें कठिन चुनावी चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास और साहस प्रदान किया। इसी विश्वास के बल पर उन्होंने कई अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं के विरुद्ध चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की।
लाहौर बस कूटनीति का जिक्र
गोयल ने बताया कि 312 पृष्ठों की यह कॉफी-टेबल पुस्तक पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, लाहौर बस कूटनीति और कारगिल युद्ध के दौरान उनके दृढ़ नेतृत्व जैसे प्रसंगों को दर्शाती है। साथ ही, इसमें उनके व्यक्तिगत और आत्मीय पक्ष की झलक भी मिलती है, जिन्हें निकट से जानने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ।



