कानपुर: कानपुर साउथ के बर्रा थाना क्षेत्र में सोमवार को मवेशियों से लदी गाड़ी को रोक कर चालक व उसके सहयोगियों से मारपीट और जबरन वसूली के आरोप में 11 पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। एडीसीपी साउथ ने शुरुआती जांच में पुलिसकर्मियों को दोषी पाया है। इनमें तीन पीआरवी वाहनों में एक चकेरी और दो हनुमंत विहार थाना क्षेत्र की थीं। इस मामले में पिकअप में 14 पशु लदे होने पर चालक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले मोहम्मद उजैर कानपुर के सरसौल से मवेशियों को खरीद कर अलीगढ़ ले जा रहे थे। कानपुर साउथ के बर्रा थाना क्षेत्र में पहुंचने पर पीआरवी की तीन पीआरवी वाहनों के पुलिसकर्मियों ने मवेशियों से भरी गाड़ी को ओवरटेक करके रोक लिया।
उजैर का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पशु के साथ क्रूरता का आरोप लगाते हुए सभी को 500 रुपये देने की बात कही। इसका विरोध करने पर उन्होंने गाड़ी से खींच कर बुरी तरह पीटा और गाड़ी में रखे 10 हजार रुपये लेकर चले गए। मामले की शिकायत जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से की। मामला मीडिया में आने के बाद डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने घटना की जांच एडीसीपी साउथ योगेश कुमार को सौंपी थी।
एडीसीपी साउथ योगेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पीआरवी कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इस बात की पुष्टि हो गई है कि चकेरी और हनुमंत विहार की पीआरवी ने बिना किसी घटना के अपना एरिया छोड़ा, जो कि गलत है। इन पीआरबी गाडिय़ों को अपने ही थाना क्षेत्र में रहना चाहिए था। लेकिन इन 11 पुलिस कर्मियों ने ऐसा नहीं किया। जिसके चलते इनको निलंबित कर दिया गया। इनमें पीआरवी 7058 (थाना चकेरी) के ऋषि राजन, हरि ओम, रिंकी रानी, अतुल सचान व पीआरवी 6504 (थाना हनुमन्त विहार) के अमीर हसन, सोनू यादव, आराधना, प्रदीप कुमार और पीआरवी 7055 (थाना हनुमन्त विहार) के अजय कुमार यादव, उमाशंकर दीक्षित, आनंद कुमार शामिल हैं।
हाईवे पर चलता वसूली का खेल
रामादेवी चौराहा से लेकर महाराजपुर हाईवे पर वसूली का खेल चलता है। पूर्व में पीआरवी में तैनात पुलिस कर्मियों के वसूली के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इन पर कार्रवाई भी हुई है। इससे पहले दो नवंबर 2023 को चकेरी और महाराजपुर क्षेत्र में हाईवे पर मवेशी लदे ट्रकों और पिकअप चालकों से वसूली करने में तत्कालीन एडीसीपी पूर्वी लखन सिंह यादव ने 52 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया था। मार्च 2024 को नौबस्ता थानाक्षेत्र में पीआरवी में तैनात पुलिस कर्मियों ने मुफ्त नारियल देने से इन्कार करने पर दुकानदार को पीटा था। 19 दिसंबर 2024 और 11 अक्तूबर 2023 को चकेरी हाईवे पर वसूली करने पर पीआरवी में तैनात एसआई सुभाष सिंह और हेड कांस्टेबल आनंद कुमार को तत्कालीन डीसीपी हेडक्वार्टर ने निलंबित किया था।



