समस्तीपुर: समस्तीपुर जिला के सरायरंजन प्रखंड अंतर्गत मणिका और मुसापुर गांव में मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार झमाझम बारिश के बीच पहुंचे। यहां उन्होंने 364.38 करोड रुपये के कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इस योजना से इलाके के किसानों और मछली पालन करने वालों को सीधा फायदा मिलेगा। इससे पटवन की समस्या में भी राहत मिलेगी और जल स्तर बेहतर हो होने से कृषि को मजबूती मिलेगी। इस दौरान लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ, सिर पर कुर्सियां रख कर लोग पानी से खुद को बचाते नजर आए।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कई बार बदलाव किया गया। पहले यह दौरा 14 जुलाई को तय था, लेकिन बाद में तारीख बदल दी गई। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर खजुरी गांव में हेलीपैड बनाया गया था, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से वे सडक़ मार्ग से पहुंचे।
मणिका में मुख्यमंत्री ने 42.31 करोड़ की लागत से बनने वाले मणिका एसएच 88 से विक्रमपुर एनएच 322 वाया श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज नरघोघी बायपास पथ निर्माण कार्य की शुरुआत की। इसके बाद मुसापुर में 322.07 करोड़ की लागत से बलान और जमुआरी नदी की गाद उड़ाही कार्य का शिलान्यास किया। इससे पूर्व सोमवार को जिले के वरीय अधिकारियों ने सभा स्थल का निरीक्षण किया था। समारोह में कई मंत्री और सांसद शामिल हुए। इनमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी,और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता आदि मौजूद थे।

सिर पर कुर्सी रख बारिश से बचते दिखे लोग
कार्यक्रम में उस वक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला, जब कार्यक्रम के दौरान तेज बारिश होने लगी। वीआईपी गैलरी में बैठे कई लोग बारिश से बचने के लिए अपनी कुर्सियां सिर पर रखकर खड़े हो गए यह दृश्य पंडाल में मौजूद अन्य लोगों के लिए कौतूहल और हंसी का कारण बन गया. लेकिन लोग सीएम नीतीश को पास से देखने की चाहत में अपनी जगह छोडऩे को तैयार नहीं थे।
मनिका बाईपास सड़क निर्माण का भी शिलान्यास
सीएम ने इस दौरान मनिका नरघोघी बाईपास सड़क का भी शिलान्यास किया, जिसकी लागत 42.30 करोड़ रुपये है. करीब 11 किलोमीटर लंबी इस सडक़ के निर्माण से ग्रामीण इलाकों को बेहतर सडक़ संपर्क मिलेगा और विकास को गति मिलेगी।
किसानों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
सरकार की इन योजनाओं से इलाके के किसानों को जहां आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी, वहीं स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। उड़ाही कार्य से नदी की गहराई बढ़ेगी जिससे सालों भर सिंचाई की सुविधा बनी रहेगी।



