नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज और कप्तान मोहम्मद युसूफ (Mohammad Yousuf) एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। पहले उन्होंने टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को अपमानजनक शब्द कहा था, अब उन्होंने एशिया कप-2025 (Asia Cup 2025) फाइनल में भारत (India vs Pakistan) के व्यवहार पर तीखी टिप्पणी की है। युसूफ ने ट्रॉफी से जुड़े घटनाक्रम और भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया को लेकर अपनी राय जाहिर की।
मोहसिन नकवी को दी तारीफ
एशिया कप-2025 फाइनल में ट्रॉफी देने वाले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) की युसूफ ने खुलकर तारीफ की। भारत ने पहलगाम हमले जैसे सुरक्षा मुद्दों को देखते हुए फाइनल में किसी पाकिस्तानी अधिकारी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। इसके चलते नकवी गुस्से में ट्रॉफी लेकर चले गए।
युसूफ ने कहा, “जो चेयरमैन सर ने किया वो बिल्कुल सही था। उन्होंने सही स्टांस लिया। भारत को उस समय ट्रॉफी लेनी चाहिए थी। वह एसीसी और आईसीसी के नियमों के तहत बतौर एसीसी चीफ ट्रॉफी देने खड़े थे। ट्रॉफी उन्हीं के हाथ से दी जानी चाहिए थी।”
भारतीय टीम पर तीखी टिप्पणी
पूर्व कप्तान युसूफ ने केवल नकवी की तारीफ ही नहीं की, बल्कि भारतीय टीम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया “फिल्मी दुनिया में जी रही है” और क्रिकेट को गंभीरता से नहीं ले रही। युसूफ ने टिप्पणी की, “आपने उस समय ट्रॉफी नहीं ली, तो अब जल्दी क्या है? आपको ऑफिस से ट्रॉफी लेनी चाहिए थी। मैदान पर आप फिल्में बनाने में व्यस्त थे। मैंने उस दिन भी कहा था कि टीम इंडिया फिल्मी दुनिया से बाहर नहीं आ रही है। ये खेल है, ये क्रिकेट है। फिल्मों में रीटेक होते हैं, लेकिन फिल्मों में हीरो बनना अलग बात है। आप एक खेल खेल रहे हो।”
पिछली घटना भी याद दिलाई
युसूफ ने भारतीय टीम के व्यवहार को लेकर पुराने घटनाक्रम को भी याद किया। 14 सितंबर को एशिया कप-2025 के पहले मैच में भारत ने पाकिस्तान टीम से हाथ नहीं मिलाया था। उस समय भी युसूफ ने टीम इंडिया की तुलना फिल्मी दुनिया से करते हुए आलोचना की थी और कप्तान सूर्यकुमार यादव के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी।
मोहम्मद युसूफ की टिप्पणियां फिर से क्रिकेट और राजनीति के बीच तनाव को बढ़ा सकती हैं। उन्होंने पाकिस्तान के अधिकारी मोहसिन नकवी की तारीफ की और भारतीय टीम के फैसलों पर सवाल उठाए। इस प्रकार की विवादित टिप्पणियां एशिया कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता में खेल भावना और शिष्टाचार को लेकर बहस को और तेज कर सकती हैं।



