नई दिल्ली: ISSF विश्व चैंपियनशिप में सोमवार का दिन भारतीय निशानेबाजों के लिए मिला-जुला रहा। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर (Manu Bhaker) और एशियाई खेलों की कई बार की पदक विजेता ईशा सिंह (Esha Singh) महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल (10m Air Pistol) स्पर्धा के फाइनल में पदक जीतने से चूक गईं। हालांकि, टीम इवेंट में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।
मनु भाकर की अच्छी शुरुआत पर पानी फेर गया एक निशाना
पेरिस ओलंपिक (Paris Olympics) में व्यक्तिगत और मिक्स्ड टीम दोनों में कांस्य पदक जीत चुकीं मनु भाकर का फाइनल मुकाबला उम्मीदों से भरा हुआ था। शुरुआती राउंड्स में उन्होंने बेहतरीन नियंत्रण दिखाया और शीर्ष स्थान की दौड़ में बनी रहीं। लेकिन 14वें निशाने पर आई एक गलती ने उनका खेल पलट दिया। मनु ने इस निशाने पर केवल 8.8 अंक बनाए, जिससे वह सीधा पहले स्थान से सातवें स्थान पर खिसक गईं। अंततः उन्होंने 139.5 अंकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया और पदक की दौड़ से बाहर हो गईं।
ईशा सिंह दबाव झेलने में चूकीं
हाल ही में चीन के निंगबो में विश्व कप स्वर्ण पदक जीतकर चर्चा में आईं युवा निशानेबाज ईशा सिंह से इस बार भी काफी उम्मीदें थीं। 20 वर्षीय ईशा ने फाइनल में शुरुआत तो शानदार की और एक समय वह तीसरे स्थान पर थीं। लेकिन जब मुकाबला निर्णायक मोड़ पर था, तो दबाव उन पर भारी पड़ गया। 14वें निशाने पर उन्होंने केवल 8.4 अंक हासिल किए, जिससे वह छठे स्थान पर फिसल गईं। उनका कुल स्कोर रहा 143.7 अंक।
चीन की याओ कियानक्सुन बनीं विश्व चैंपियन
फाइनल मुकाबले में चीन की 20 वर्षीय याओ कियानक्सुन ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने 243.0 अंक बनाकर अपने करियर का सबसे बड़ा पदक जीता और स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। उनकी साथी वेई कियान ने 221.4 अंक के साथ कांस्य जीता, जबकि हांगकांग-चीन की हो चिंग शिंग ने 241.2 अंक बनाकर रजत पदक अपने नाम किया।
टीम इवेंट में भारत का शानदार प्रदर्शन
हालांकि व्यक्तिगत मुकाबले में पदक नहीं मिल पाया, लेकिन टीम स्पर्धा में भारतीय तिकड़ी ने देश को गौरवान्वित किया। ईशा सिंह (583 अंक), मनु भाकर (580 अंक) और विश्व की नंबर-1 निशानेबाज सुरुचि इंदर सिंह (577 अंक) ने मिलकर कुल 1740 अंक हासिल किए और टीम इवेंट में रजत पदक जीत लिया। यह भारत के लिए सांत्वना भरा लेकिन महत्वपूर्ण नतीजा रहा।
- इसको भी पढ़ें: IPL का ट्रेड! धोनी की निगरानी में सैमसन पहुंचे CSK
भविष्य की उम्मीदें बरकरार
हालांकि मनु भाकर और ईशा सिंह दोनों ही व्यक्तिगत पदक से चूक गईं, लेकिन उनका प्रदर्शन अब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनुभव उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं — खासकर पेरिस ओलंपिक 2028 — के लिए और परिपक्व बनाएगा।



