नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट (Team India) में एक बार फिर कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शुभमन गिल (Shubman Gill) की कप्तानी में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज (Australia vs India) में हार का सामना करने के बाद, बीसीसीआई ने देर रात बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व कप्तान को फिर से टीम की कमान सौंपी है। यह कदम टीम इंडिया के अस्थिर प्रदर्शन और गिल की रणनीतिक अनुभवहीनता को देखते हुए उठाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड अब आने वाले दौरे से पहले एक स्थिर और अनुभवी नेतृत्व चाहता है, ताकि टीम का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो सके। इस फैसले ने भारत की दीर्घकालिक नेतृत्व रणनीति पर फिर से बहस छेड़ दी है।
गिल की कप्तानी में टीम इंडिया की हार
शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से गंवा दी। यह हार उस समय आई जब टीम ने वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम देकर युवा खिलाड़ियों को मौका दिया था। हालांकि, टीम संतुलन और निर्णय लेने में अनुभव की कमी साफ दिखाई दी।
गेंदबाजी में किए गए प्रयोगों और अहम मौकों पर गलत रणनीति ने टीम की स्थिति कमजोर कर दी। खासकर बीच के ओवरों में भारत विपक्ष पर दबाव नहीं बना सका, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर कब्जा जमा लिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि गिल की नेतृत्व शैली अभी परिपक्व नहीं हुई है और उन्हें रणनीतिक समझ विकसित करने की जरूरत है।
BCCI कर रहा है टीम ढांचे की समीक्षा
वनडे सीरीज हारने के बाद, बीसीसीआई टीम की संरचना और चयन रणनीति की समीक्षा कर रहा है। इस बीच खबरें हैं कि बोर्ड आने वाले दौरे से पहले टीम संयोजन और कप्तानी ढांचे में और बदलाव कर सकता है।
हालांकि भारत में कप्तानी को लेकर उठे सवालों के बीच, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (Bangladesh Cricket Board) में भी नेतृत्व परिवर्तन का नाटकीय दौर शुरू हो गया है।
बांग्लादेश में नजमुल शान्तो ने ठुकराई टेस्ट कप्तानी
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने शुक्रवार देर रात हुई बैठक में नजमुल हुसैन शान्तो को दोबारा टेस्ट कप्तान नियुक्त करने का फैसला लिया, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, वनडे कप्तानी खोने के बाद शान्तो ने खुद को इस भूमिका के लिए “अनिच्छुक” बताया है। बीसीबी के क्रिकेट संचालन अध्यक्ष नजमुल आबेदीन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद शान्तो से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन वे अपने फैसले पर कायम रहे।
इस वजह से बांग्लादेश के पास अभी टेस्ट कप्तान नहीं है, जबकि 11 नवंबर से सिलहट में आयरलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज शुरू हो रही है।
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स्थिर नेतृत्व की तलाश
बीसीबी अब नए कप्तान की तलाश में है। लिटन दास का नाम सबसे आगे चल रहा है, हालांकि उन्होंने अभी तक सहमति नहीं दी है। वनडे कप्तान मेहदी हसन का नाम भी चर्चा में है, लेकिन उनका रिकॉर्ड कमजोर रहा है — उनकी कप्तानी में टीम ने 13 में से सिर्फ 3 मैच जीते हैं। इसके अलावा तैजुल इस्लाम और मोमिनुल हक जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी दावेदारी में शामिल हैं।
बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने कहा है कि बोर्ड किसी एक फॉर्मेट तक सीमित नहीं रहेगा और “टीम के लिए जो सबसे बेहतर होगा, वही फैसला लिया जाएगा”।



