नई दिल्ली: नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (Jawaharlal Nehru Stadium) में 27 सितंबर से 5 अक्टूबर तक होने वाली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 (World Para Athletics Championships 2025) भारतीय खेल इतिहास का नया अध्याय लिखने जा रही है। पहली बार भारत इस मेगा इवेंट की मेजबानी करेगा और इस बार देश का सबसे बड़ा पैरा दल हिस्सा लेगा। कुल 35 भारतीय एथलीट (Indian Para Athletes) पहली बार विश्व स्तर पर डेब्यू करेंगे। यह आयोजन भारत में पैरा खेलों की बढ़ती ताकत और वैश्विक पहचान को दर्शाएगा।
महेंद्र गुर्जर पर सबकी निगाहें
इस दल में सबसे ज्यादा चर्चा भाला फेंक खिलाड़ी महेंद्र गुर्जर (Mahendra Gurjar) की हो रही है। स्विट्जरलैंड के नोटविल ग्रां प्री में गुर्जर ने पुरुष एफ 42 श्रेणी में 61.17 मीटर का भाला फेंककर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस समय वे पटियाला में कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं और पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। गुर्जर ने कहा – “यह चैंपियनशिप सिर्फ पदक जीतने के लिए नहीं है, बल्कि दुनिया को भारतीय पैरा खिलाड़ियों की जज्बे और क्षमता दिखाने का मंच है। हमारा प्रदर्शन नए युवाओं, खासकर लड़कियों को खेल में अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा देगा।”
पहली बार डेब्यू करने वाले एथलीट
भारत की टीम में कई नए चेहरे शामिल हैं, जो अपनी-अपनी स्पर्धाओं में देश के लिए उम्मीदों का केंद्र होंगे:
- अतुल कौशिक – चक्का फेंक (F57)
- प्रवीण – चक्का फेंक (F46)
- हैनी – चक्का फेंक (F37)
- मित पटेल – लंबी कूद (T44)
- मंजीत – भाला फेंक (F13)
- विशु – लंबी कूद (T12)
- पुष्पेंद्र सिंह – भाला फेंक (F44)
- अजय सिंह – लंबी कूद (T47)
- शुभम जुयाल – गोला फेंक (F57)
- बीरभद्र सिंह – चक्का फेंक (F57)
- दयावंती – महिला 400 मीटर (T20)
- अमीषा रावत – महिला गोला फेंक (F46)
- आनंदी कुलंथायसामी – क्लब थ्रो (F32)
- सुचित्रा परिदा – महिला भाला फेंक (F56)
भारत में पहली बार होगा आयोजन
यह पहली बार है जब वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप (World Para Athletics Championships 2025) का आयोजन भारत में हो रहा है। यह देश की अब तक की सबसे बड़ी पैरा स्पर्धा होगी। आयोजन में 100 से अधिक देशों के 2200 से ज्यादा एथलीट और अधिकारी हिस्सा लेंगे। कुल 186 पदक स्पर्धाएं होंगी, जिनमें भारत के खिलाड़ियों से जोरदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
- इसको भी पढ़ें: IND vs UAE: ऑलराउंडर्स पर टिकी भारत की जीत की रणनीति
पैरा खेलों में नया अध्याय
भारतीय पैरा एथलीट्स ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। टोक्यो और हांगझोऊ पैरा गेम्स में भारत ने ऐतिहासिक पदक जीत हासिल की थी। अब दिल्ली में होने वाली यह चैंपियनशिप भारत के लिए अपनी क्षमता को और बड़े पैमाने पर दिखाने का अवसर है।
भारत के लिए यह आयोजन केवल पदक जीतने की होड़ नहीं, बल्कि पैरा खिलाड़ियों के जज्बे और संघर्ष की ताकत को दुनिया के सामने पेश करने का मौका है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस आयोजन से देश में पैरा खेलों को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलेगी।



