नई दिल्ली : यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध (Russia Ukraine War) एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर आ गया है। रविवार को रूस की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों में यूक्रेन के चर्निहीव इलाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हमलों में आवासीय इलाकों और जरूरी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
ऊर्जा और जल ढांचे को निशाना
यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस जानबूझकर उसके ऊर्जा और जल आपूर्ति से जुड़े ठिकानों को निशाना बना रहा है। रविवार को हुए हवाई हमले में क्रेमेनचुक (Kremenchuk Attack) शहर की ऊर्जा और जल आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। इसके अलावा रूस ने यूक्रेन की परिवहन व्यवस्था, ईंधन भंडारण और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य ढांचों पर भी हमले किए। यूक्रेन का कहना है कि रूस सर्दियों को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है ताकि नागरिकों को कठिन परिस्थितियों में धकेला जा सके।
रूस का दावा – दो गांवों पर कब्जा
रूस की सेना ने यूक्रेन के खार्कीव क्षेत्र में दो और गांवों पर कब्जा करने का दावा किया है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब युद्ध को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत जारी है।
शांति वार्ता पर तेजी
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध विराम के लिए अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि “शांति अब सिर्फ 10 मीटर दूर है।” ट्रंप के अनुसार सिर्फ दो प्रमुख क्षेत्रों पर सहमति बनना बाकी है- डोनबास क्षेत्र, जपोरिजिया परमाणु संयंत्र वहीं, क्रेमलिन ने कहा है कि वे अमेरिकी प्रस्ताव में बड़े बदलाव चाहते हैं और इस बारे में अमेरिकी प्रतिनिधियों को सूचित कर दिया गया है।
यूक्रेन का जवाब
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने आशा जताई है कि जल्द समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों से मिली ताज़ा सूचना उपयोगी रही है और यूक्रेन अच्छी भावना के साथ शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
डोनबास और जपोरिजिया की स्थिति
डोनबास क्षेत्र का 90% हिस्सा इस समय रूस के नियंत्रण में है और वह इसे छोड़ने के मूड में नहीं है। वहीं, जपोरिजिया स्थित यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र युद्ध शुरू होने के कुछ ही सप्ताह बाद रूस ने अपने कब्जे में ले लिया था, जो अब वार्ता का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। हमलों, कब्जों और बातचीत के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध एक ऐसे मोड़ पर है जहां उम्मीद और खतरा दोनों साथ मौजूद हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि क्या यह संघर्ष बातचीत से खत्म होगा या हालात और बिगड़ेंगे।



